आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल से जब कांग्रेस सांसद ने पूछा सवाल तो पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा- मत दीजिए इसका जवाब

Updated on: 18 November, 2019 02:46 AM
पूर्व प्रधानंत्री मनमोहन सिंह ने पहले नोटबंदी को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए इस फैसले की आलोचना की थी। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल बुधवार को नोटबंदी के फैसले को लेकर अपना पक्ष रखने के लिए स्थाई संसदीय कमेटी के सामने पेश हुए। इस दौरान जब उर्जित पटेल सवालों में फंसने लगे तो पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बीच में दखल देते हुए उनकी मदद की। वित्तमंत्री और प्रधानमंत्री बनने से पहले मनमोहन सिंह भी भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रह चुके हैं। सिंह ने उर्जित को उन सवालों को जवाब नहीं देने की सलाह दी, जिससे आरबीआई के लिए समस्याएं पैदा हों। एनडीटीवी ने वित्तीय मामले की स्थाई संसदीय कमेटी के सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि जब कांग्रेस के सांसद ने उर्जित पटेल से एक सवाल पूछा तो मनमोहन सिंह ने उस सवाल का जवाब देने से मना कर दिया। रिपोर्ट में बताया गया है कि कांग्रेस सांसद ने आरबीआई गवर्नर से पूछा था कि निकासी पर लगी मौजूदा पाबंदी हटा दीं जाए तो क्या अराजकता खत्म हो जाएगी। इस पर सिंह ने गवर्नर से कहा, ‘आपको इस सवाल को जवाब नहीं देना चाहिए।’ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उर्जित पटेल ने संसदीय कमेटी को बताया कि नोटबंदी की प्रक्रिया पिछले साल जनवरी में ही शुरू हो गई थी। उर्जित पटेल का यह बयान विरोधाभास पैदा कर रहा है। इससे पहले लिखित में कमेटी को बताया गया था कि नोटबंदी के ऐलान से एक दिन पहले सात नवंबर 2016 को सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को 500 और एक हजार रुपए के पुराने नोट बंद करने की सलाह दी थी। वहीं टीएमसी सांसद और स्थाई संसदीय कमेटी के सदस्य सौगत रॉय ने मीडिया से कहा कि हमें भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारियों में से किसी ने नहीं बताया कि सिस्टम कब तक सामान्य होगा। साथ ही रॉय ने बताया कि आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल हमें यह भी नहीं बता पाए कि नोटबंदी के बाद से कितने पुराने नोट बैंकों में जमा हुए हैं। वहीं सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी एएनआई ने लिखा है, ‘आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने स्थाई संसदीय कमेटी के सदस्यों को बताया कि 9.2 लाख करोड़ रुपए की नई करेंसी बाजार में उतारी गई हैं।’
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