जेल से छूटे बेगुनाहों ने बताया कैसे टॉर्चर करती है पुलिस

Updated on: 21 August, 2019 03:54 PM
लखनऊ के पारा थाने की पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने जिन चार युवकों को सीरियल किलर सलीम का शूटर बताकर जेल भेजा था, उनमें से तीन को मंगलवार सुबह जमानत पर रिहा कर दिया गया। जेल से छूटकर बाहर आए युवकों अफजल, अनवर और तमीम ने बताया कि किस तरह से पुलिस ने थर्ड डिग्री का इस्तेमाल कर उन्हें स्क्रिप्ट रटाई और झूठ कुबूल कराया। हफ्ता भर बाद जेल से छूटे तमीम ने बताया कि अकील ने 9 जनवरी की रात उसे फोन करके बुलाया था। एक फ्लैट में ले जाकर बंधक बनाया। कहा कि तुम्हें श्रवण साहू द्वारा मेरी हत्या के लिए 20 लाख की सुपारी दिए जाने का बयान देना है। मेरे दोस्त पुलिस वाले तुम्हें मामूली धारा में जेल भेजेंगे। तुरंत जमानत हो जाएगी। तमीम अपनी शादी की तैयारी की बात कहकर गिड़गिड़ाया तो अकील ने साथियों की मदद से उसे पीटा। अगले दिन मोहान पुलिस चौकी ले गए। वहां क्राइम ब्रांच की टीम ने अंगुलियों के बीच कारतूस फंसाकर खूब टॉर्चर किया। उसने अकील और क्राइम ब्रांच द्वारा रटाई कहानी बोलनी शुरू कर दी। तमीम का कहना है कि चारों लोगों ने पिटाई के चलते अकील की ‘हां’ में ‘हां’ मिला दी। सोचा था कि जेल भेजने से पहले किसी अफसर या मीडिया के सामने ले जाया जाएगा। वहां सच बोल देंगे। चारों लोग 10 जनवरी की रात से 11 की सुबह तक थाने में बैठाए रखे गए। न तो थानेदार सामने आए और न ही कोई अफसर दिखा। चारों को कोर्ट से जेल भेज दिया गया। घरवालों को भी चालान के बाद भनक लगी।
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