आखिर कहां चले गए नकली नोट? आरबीआई को भी नहीं पता

Updated on: 21 November, 2019 04:54 AM
मुंबई भारतीय रिजर्व बैंक ने स्वीकार किया है कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि नोटबंदी के बाद कितनी नकली करंसी पकड़ी गई है। एक आरटीआई के जवाब में रिजर्व बैंक ने माना है कि उसके पास कोई निश्चित डेटा नहीं है कि 500 और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य किए जाने के बाद कितने नकली नोट पकड़े गए हैं। आरटीआई ऐक्टिविस्ट अनिल वी. गलगली की ओर से दायर याचिका के जवाब में आरबीआई के करंसी डिपार्टमेंट (नकली करंसी निगरानी प्रभाग) की ओर से दिए गए जवाब के मुताबिक, 'इस सवाल के जवाब में फिलहाल हमारे पास कोई निश्चित डेटा मौजूद नहीं है।' आरटीआई के जरिए गलगली ने निश्चित सवाल उठाते हुए आरबीआई से पूछा था कि वह बताए कि 8 नवंबर से 10 दिसंबर के दौरान कितनी फेक करंसी पकड़ी गई, किस बैंक में और किस दिन ऐसी करंसी आई। गलगली ने बताया, 'हालांकि आरबीआई ने 11 सप्ताह पहले ही कहा था कि उसके पास नकली नोटों को लेकर कोई डेटा नहीं है। इसलिए केंद्र सरकार की ओर से नकली करंसी को खत्म करने के वादे के साथ किया गया नोटबंदी का फैसला खोखला साबित हो रहा है।' गलगली ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का ऐलान करते हुए कहा था कि इससे देश में नकली करंसी और टेरर फंडिंग पर लगाम कसी जा सकेगी। गलगली ने कहा, 'आरबीआई के जवाब से साफ है कि सरकार नोटबंदी के फैसले के जरिए नकली नोटों को खत्म करने में असफल रही है। अब यह पीएम पर है कि वह देशहित में बरामद किए गए नकली नोटों की संख्या और उनके कुल मूल्य के बारे में जानकारी दें।'
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