यूपी, पंजाब और गोवा में किसी को बहुमत नहीं, उत्तराखंड में BJP सरकार: सर्वे

Updated on: 20 July, 2019 01:45 PM
नई दिल्ली उत्तर प्रदेश, पंजाब और गोवा में होने वाले विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत मिलने की संभावना नहीं है। वहीं, उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद है। यह दावा गुरुवार को जारी किए गए एक ऑपिनियन पोल में किया गया। द वीक-हंसा रिसर्च के ऑपिनियन पोल के मुताबिक उत्तर प्रदेश और गोवा में बीजेपी सबसे बड़े दल के रूप में सामने आएगी। वहीं पंजाब में कांग्रेस को सबसे ज्यादा सीटें मिल सकती हैं। ऑपिनियन पोल के नतीजों में कहा गया, 'उत्तर प्रदेश में 403 सीटों में से बीजेपी को 192 से 196 सीटें मिल सकती हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन इससे ज्यादा पीछे नहीं रहेगा और वह 178-182 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज कर सकता है। बहुजन समाज पार्टी महज 20 से 24 सीटों के साथ बहुत पीछे तीसरे स्थान पर रहेगी। अन्य को 5-9 सीटें मिल सकती हैं।' पोल के नतीजों में कहा गया, 'पंजाब में कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में सामने आएगी और इसे 49-51 सीटें मिल सकती हैं। वहीं 117 सदस्यों की विधानसभा में आम आदमी पार्टी 30-35 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रहेगी। शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी का गठबंधन केवल 28-30 सीटें जीत पाएगा। अन्य को 3 से 5 सीटें मिल सकती हैं।' सिर्फ उत्तराखंड में बनेगी पूर्ण बहुमत की सरकार इन चार राज्यों में से स्पष्ट बहुमत का अनुमान केवल उत्तराखंड के बारे में जताया गया है और कहा गया है कि बीजेपी को 70 सदस्यों वाली विधानसभा में 37-39 सीटें मिल सकती हैं। पोल में कहा गया है कि उत्तराखंड में सत्तारूढ़ कांग्रेस को 27-29 सीटें मिल सकती हैं। बीएसपी 1 से 3 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है, वहीं अन्य छोटे दलों को 1 से 3 सीटें मिल सकती हैं। गोवा में बीजेपी होगी बड़ी पार्टी, 'आप' को सिर्फ 2 सीटें पोल के मुताबिक, गोवा की 40 सीटों में से सत्तारूढ़ बीजेपी 17-19 सीटें जीत कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर सकती है और उसके बाद दूसरे नंबर पर कांग्रेस रहेगी, जिसे 11-13 सीटें मिल सकती हैं। आम आदमी पार्टी को केवल 2 से 4 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। गोवा में महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी की अगुवाई वाले गठबंधन को 3-5 सीटें मिलने की उम्मीद बताई गई है। निर्दलीयों को अधिकतम 2 सीटें और बाकियों को 1 से 3 सीटें मिल सकती हैं। द वीक-हंसा रिसर्च की ओर से जारी रिलीज के मुताबिक, यह ऑपिनियन पोल एक सप्ताह पहले कांग्रेस-समाजवादी पार्टी का गठबंधन होने के तुरंत बाद किया गया था। मणिपुर में पोल नहीं कराया गया था। वहां भी विधानसभा चुनाव होने हैं।
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