फेल नहीं करने की नीति बदलने के लिए विधेयक लाएगी सरकार

Updated on: 21 September, 2019 06:56 AM
शिक्षा के अधिकार (आरटीई) कानून के तहत आठवीं तक बच्चों को फेल नहीं करने की नीति खत्म करने के लिए आखिरकार केंद्र सरकार ने विधेयक लाने का फैसला किया है। बजट सत्र के दूसरे चरण में इस विधेयक को पेश किया जा सकता है। दरअसल, पहले सरकार इसे सरकारी आदेश के जरिये लागू करना चाहती थी लेकिन कानूनी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद अब विधेयक लाने का निर्णय लिया गया है। शिक्षा के अधिकार कानून के तहत अभी कक्षा आठ तक बच्चों को फेल नहीं किया जा सकता है। इससे बच्चों में पढ़ने की प्रवृत्ति घट रही है। ज्यादातर राज्य चिंता जता चुके हैं। इसके बाद केंद्र ने फैसला किया कि इस नीति को पांचवीं तक ही सीमित किया जाए। यानी कक्षा छह से छात्रों को फेल किया जा सकेगा। लेकिन यह अधिकार राज्यों को दिया गया है कि वे बदली हुई नीति लागू करना चाहते हैं या फिर पुरानी जारी रखना चाहते हैं क्योंकि पांच राज्य महाराष्ट्र, गोआ, कर्नाटक, तेलंगाना तथा आंध प्रदेश मौजूदा नीति को जारी रखने के पक्ष में हैं। स्कूल शिक्षा सचिव अनिल स्वरूप ने कहा कि इस नीति में बदलाव के लिए सरकार एक विधेयक लाएगी। विधेयक के पारित होने के बाद ही इस नियम को बदला जा सकता है। क्योंकि यह प्रावधान संसद में पारित हुआ था इसलिए इसे बदलने के लिए भी संसद की मंजूरी आवश्यक है। सूत्रों के अनुसार मानव संसाधन विकास मंत्रालय एक विधेयक तैयार कर रहा है। जिसे जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। कोशिश यह है कि बजट सत्र के दूसरे हिस्से में इसे पेश कर पारित कर लिया जाए। ताकि अगले शैक्षक्षिक सत्र से ही इसे प्रभावी बनाया जाए। चूंकि ज्यादातर राज्य इसके पक्ष में हैं, इसलिए सरकार को उम्मीद है कि बिना किसी अड़चन के यह पारित हो जाएगा।
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