दुष्कर्म का केस वापस न लेने पर युवती पर तेजाब फेंका

Updated on: 21 April, 2019 02:35 PM

दुष्कर्म का केस वापस न लेने पर युवती शनिवार रात बॉटेनिकल गार्डेन मेट्रो स्टेशन के पास बाइक सवार दो युवकों ने चेन लूटकर युवती पर तेजाब डाल दिया। पीडिता ने एक मार्केटिंग मैनेजर के खिलाफ दिल्ली के न्यू अशोक नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पीड़िता की शिकायत पर सेक्टर-39 थाना पुलिस मामले की एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है।

आगरा की रहने वाली युवती न्यू अशोक नगर में रहती है। वह नोएडा के अस्पताल में नर्स की नौकरी करती थी। शादी के नाम पर दुष्कर्म के बाद पीड़िता ने नौकरी छोड़ दी। पीड़िता ने बताया कि बीती शनिवार रात 8:30 बजे वह सेक्टर-30 से बॉटेनिकल गार्डेन मेट्रो स्टेश पैदल जा रही थी। काले रंग की बाइक पर आए दो युवकों ने रास्ता पूछने के बहाने रोका।


चेन लूटकर तेजाब डाली


पीड़िता ने बताया कि बाइक पर पीछे बैठे आरोपी ने सेक्टर-30 जाने के लिए रास्ता पूछा। इसी बीच आरोपी ने पीड़िता के कंधे पर चाकू लगाकर चेन खींच लिया। विरोध करने पर पीड़िता के ऊपर तेजाब फेंका। गनीमत रही कि पीड़िता ने के हाथ पर छटक दिया, जिससे तेबाज चेहरे पर पड़ने की बजाय पेट और पैर जा जा गिरी। आरोपी युवक आशीष नैन के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म का केस वापस न लेने पर घरवालों समेत उसे जान से मरने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पीड़िता का आरोप है कि पहले भी उसे केस वापस लेने की धमकी मिल चुकी हैं। पीड़िता ने एक रिक्शे वाले की मदद से पुलिस को कॉल की। मौके पर पहुंची पुलिस पीसीआर ने युवती को अस्पताल में भर्ती कराया।


शादी ने नाम पर आशीष ने किया था दुष्कर्म


पीड़िता ने बताया कि अक्तूबर 2015 में दोस्ती की पार्टी में उसकी अजमेर निवासी आशीष नैन से दोस्ती हुई थी। आशीष नोएडा के सेक्टर-137 स्थित एक सोसाइटी में रहता है। वह दिल्ली की एक कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत है। आशीष ने शादी का प्रस्ताव रखा था। दोनों के घरवालों भी तैयार हो गए थे। आरोप है कि आशीष शारीरिक संबंध बनाने के बाद पीड़िता से अच्छा दहेज लाने की मांग करने लगा। विरोध करने पर आशीष ने उसकी पिटाई कर दी थी। इसके बाद पीड़िता ने न्यू अशोक नगर थाने में आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कराई थी।


कपड़ों को केमिकल परीक्षण के लिए भेजा


अस्पताल में पीड़िता के परिज दूसरे कपड़े लेकर पहुंचे। पुलिस ने पीड़िता के कपड़े को सील कर मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि युवकों ने कौन सा पदार्थ फेंका था। पुलिस अभी तक आरोपियों का सुराग नहीं लगा पाई है।

तेजाब हमले पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश


-18 जुलाई 2013 को लक्ष्मी के मामले में कोर्ट ने जरुरी दिशा निर्देश दिए थे
-तेजाब हमले का शिकार हुई महिलाआें को तीन लाख रुपये की न्यूनतम आर्थिक सहायता दिए जाने का आदेश है
-पीड़ितों के इलाज के लिए 25 हजार रुपये से दो लाख रुपये तक दिए जाने चाहिए
-कोर्ट ने तेजाब पीड़ितों के मामले में पीड़ित की सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों में आने वाले बदलावों पर भी चिंता जताई थी
-निजी अस्पतालों को तेजाब पीड़ितों को नि:शुल्क इलाज करने का आदेश है
-तेजाब पीड़ितों के इलाज से कोई अस्पताल इंकार नहीं कर सकता है

रामानुज सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट

आरोपियों ने तेजाब रखने का लाइसेंस लिया है या नहीं इसकी जांच कराई जाएगी। कितने समय से यह गोदाम चल रहा है इसकी भी जांच कराई जाएगी। गोदाम में रखा माल चोरी छिपे बाहर ना निकाला जाए इसका भी इंतजाम कराता हूं।

एनएम माथुर, सीएमएस, जिला अस्पताल
घायलों की इमरजेंसी में एमएलसी के लिए पुलिस लेकर आई थी। मरीजों को सुबह आने के लिए कहा गया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद मैंने संबंधित डाक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा है। मरीजों को भी तत्काल भर्ती करने के आदेश दिए हैं।

डॉ एके शुक्ला, फिजिशियन
-मामूली रुप से झुलसे मरीज को सही होने में दो माह तक लगते हैं
-जो मरीज ज्यादा झुलस जाते हैं उनकी त्वचा से निशान नहीं जाता है
-तेजाब से झुलसे मरीजों को संक्रमण जल्दी होता है, लिहाजा इलाज में इसका ध्यान रखा जाता है कि उनको संक्रमण ना हो
-अस्पतालों में बने बर्न वार्ड में तेजाब से जले मरीजों का इलाज होता है।

तेजाब हमले में कोर्ट के आदेश


1.आठ सितंबर 2016 को मुंबई की विशेष महिला न्यायालय ने प्रीति राठी बनाम अंकुर पवार मामले में तेजाब से हमला करने पर आरोपी अंकुर पवार को मृत्युदंड की सजा दी। यह देश का पहला तेजाब से हमले के मामले में मृत्युदंड का केस है।
2.देवा प्रसाद हालदार बनाम पश्चिम बंगाल सरकार के मामले में 16 अगस्त 2016 को कोलकाता उच्च न्यायालय ने तेजाब हमले की पीड़िता को तीन लाख रुपये देने के आदेश दिए हैं।

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