आत्मसमर्पण करने वाले आतंकियों के प्रति नरम रुख

Updated on: 18 July, 2019 08:53 AM

जम्मू-कश्मीर के स्थानीय युवकों को आतंकवाद से दूर रखने के लिए राज्य पुलिस ने विशेष पहल की है। वह आतंकी समूहों में शामिल हो चुके युवकों के अभिभावकों को आश्वासन दे रही है कि अगर उनके बेटे आत्मसमर्पण करते हैं ,तो उनके प्रति नरम रुख अपनाया जाएगा।

पिछले साल जुलाई में हिज्बुल आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कई स्थानीय युवकों के आतंकी संगठनों में शामिल होने की खबर आई थी। इसके बाद पुलिस ने यह पहल की है। जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक एसपी वैद्य ने सोमवार को कहा, हम अपने ही बच्चों को नुकसान पहुंचाना नहीं चाहेंगे। हम उनके माता पिता तक पहुंच रहे हैं और उनसे उनके बच्चों को हिंसा का रास्ता छोड़ने के लिए राजी करने का अनुरोध कर रहे हैं। कुछ मामलों में हमें सफलता भी मिली है। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चों को वाद-विवाद प्रतियोगिता, प्रतियोगी परीक्षाओं में मुकाबला करना चाहिए न कि बंदूकों के साथ।

वैद्य ने कहा, मैंने अपने जिले के पुलिस अधीक्षक के जरिये अपील की है और कहा है कि लापता युवकों के सभी मामलों को जमीनी हकीकत के साथ सत्यापित करने की जरूरत है। उसके मुताबिक सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए। हमारा पहला प्रयास हमेशा से ही मानवीय रहा है, ताकि हम गुमराह किए गए बच्चों को वापस ला सकें। हमने आश्वासन दिया है कि यदि युवक स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करते हैं तो नरम रुख अपनाया जाएगा।


80 से अधिक युवक लापता


बुरहान वानी की मौत के बाद 80 से अधिक युवक घाटी से लापता हुए हैं। माना जा रहा है कि ये आतंकी समूह में शामिल हो गए हैं।

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