आईपीएस अफसर ने बचाई माओवादी कमांडर की जान

Updated on: 17 September, 2019 09:03 PM

छत्तीसगढ़ के बस्तर में तैनात आईपीएस अधिकारी अभिषेक पल्लव ने कर्तव्य और मानवता के संगम की मिसाल पेश की है। पिछले हफ्ते एक मुठभेड़ के दौरान एक माओवादी कमांडर को गोली लग गई। उसे दर्द से तड़पता देख पल्लव ने गोलीबारी खत्म होते ही घटनास्थल पर उसका प्रारंभिक उपचार कर जान बचाई। पल्लव आईपीएस सेवा में आने से पहले एक चिकित्सक थे।
बस्तर के घने जंगल में 18 मार्च को पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी जिसमें पांच माओवादी मारे गए और दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। लगभग सात घंटे चली इस मुठभेड़ में माओवादी कमांडर सोमारू को गोली लगी। सोमारू की जान बचाने के लिए पल्लव ने तुरंत उसके घाव पर कपड़ा बांधा ताकि खून का बहाव रुक सके और उसे दर्दनिवारक इंजेक्शन लगाया। इसके बाद उन्होंने एंबुलेंस से उसे अस्पताल पहुंचाया। पल्लव के मुताबिक, अगर थोड़ी और देर खून बह जाता तो उसकी मौत हो सकती थी। अस्पताल में खतरे से बाहर सोमारू पल्लव के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते कहते हैं, साहेब ने मेरी जान बचाई। सोमारू के ऊपर एक लाख का ईनाम है।
बिहार के बेगूसराय के पल्लव 2013 में आईपीएस बनने से पहले एक डॉक्टर थे। उन्होंने 2009 में एम्स से डॉक्टरी की पढ़ाई की थी। सोमारू की जान बचाने के लिए पल्लव के अधिकारी भी उनकी प्रशंसा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस के स्पेशल डायरेक्टर जनरल डीएम अवस्थी ने कहा, अफसर ने जो किया वह कर्तव्य के प्रति वचनबद्धता का बेहतरीन उदाहरण है। फिलहाल न्यायिक हिरासत में सोमारू का इलाज चल रहा है। इस बीच पल्लव उसे देखने अस्पताल भी गए उन्हें देखकर सोमारू ने खुशी जाहिर की।

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