सीसीआईटी प्रस्ताव अटका: अंसारी बोले, आतंकवाद ने अब महामारी का रूप ले लिया

Updated on: 22 August, 2019 05:01 AM

उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि आतंकवाद ने महामारी का रूप ले लिया है और इससे प्रत्येक समाज प्रभावित है। उन्होंने कहा कि कुछ देश आतंकवाद को परिभाषित करने के विषय पर कानूनी तकनीकी पहलुओं का हवाला देते हुए इस पर प्रतिबद्धता व्यक्त करने से बचने का प्रयास कर रहे हैं।

आमीनिया और पोलैंड की दो दिवसीय यात्रा से लौटते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि आतंकवाद ने महामारी का रूप ले लिया है और इससे प्रत्येक समाज प्रभावित है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक देश आतंकवाद की समस्या का सामना कर रहा है कुछ कम, कुछ ज्यादा और वे सभी इस समस्या से सभी भलीभांति परिचित हैं।
अंसारी ने बताया कि जब वह 1994 में न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि थे, तब भारत ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर समग्र संधि (सीसीआईटी) का प्रस्ताव पेश किया था लेकिन आतंकवाद को परिभाषित करने के संबंध में विभिन्न देशों की सोच में अंतर के कारण यह प्रस्ताव अटक गया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समझौता करते समय कई तरह की कानूनी समस्याएं सामने आती हैं लेकिन जो लोग इसे साकार नहीं होते देखना चाहते हैं, वे कानूनी तकनीकी पहलुओं का हवाला देते हैं। आतंकवादी को परिभाषित करने के संबंध में उन्होंने कहा, यह कुछ देशों की ओर से इस विषय पर प्रतिबद्धता व्यक्त करने से बचने के संबंध में दी जाने वाली दलील है। उपराष्ट्रपति से अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर समग्र संधि को अंगीकार किये जाने से जुड़ी समस्याओं के बारे में पूछा गया था। अपनी आमीनिया और पोलैंड की यात्रा को सार्थक करार देते हुए अंसारी ने कहा कि दोनों देश भारत के मित्र देश हैं और हम आपसी सहयोग के विषय पर अपने रिश्तों में नई उर्जा भरने में सफल रहे ।
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि आमीनिया हालांकि छोटा देश है लेकिन पारंपरिक रूप से काफी मित्रवत है। पोलैंड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह मध्य यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और हम उसके साथ कारोबार बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पोलैंड में भारत का निवेश है और भारत में पोलैंड का निवेश है और वहां के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों के साथ बातचीत के दौरान हमने कुछ विशिष्ठ क्षेत्रों की पहचान की है जहां दोनों देशों के बीच सहयोग या तो शुरू हो गया है या जल्द ही शुरू होगा।
अंसारी ने कहा, हमने तीन मुख्य क्षेत्रों में ध्यान दिया जिसमें स्वच्छ कोयला खनन प्रौद्योगिकी, कषि उत्पाद एवं तकनीक और रक्षा सहयोग शामिल है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने पोलैंड के नेतृत्व को सुझाव दिया कि पोलैंड केवल विक्रेता बनने की बजाए मेक इन इंडिया कार्यक्रम में सहभागी बने, इससे वे भारत स्थित विक्रेता बन सकते हैं और इससे उन्हें अतिरिक्त लाभ मिलेगा ।
उन्होंने कहा कि पोलैंड की ओर से इस सुझाव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है और आने वाले दिनों में इस पर काफी प्रगति होगी जब पोलैंड के राष्ट्रपति भारत आयेंगे। उन्होंने कहा कि समग्र रूप से चर्चा काफी केंद्रित, सकारात्मक रही और दोनों देशों में परिणाम सकारात्मक रहे।
अमीनिया के नवोन्मेष का भारत में उपयोग करने के बारे में एक सवाल के जवाब में उपराष्ट्रपति ने कहा कि अमीनिया का नवोन्मेष अच्छा है और भारतीय प्रयास सही राह पर हैं।

View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया