उत्तर प्रदेश में एक और संस्कृत विश्वविद्यालय खुलेगा

Updated on: 20 October, 2019 05:52 PM

प्रदेश में एक और संस्कृत विश्वविद्यालय खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से इस बारे में मदद मांगी है।
उच्च शिक्षा विभाग का निर्देश मिलते ही संस्कृत विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी परिनियमावली तथा आचार्य और शास्त्री का पाठ्यक्रम भेज दिया है। साथ में यह भी सुझाव दिया कि परामर्शदात्री समिति का गठन कर लिया जाए, जिसमें संस्कृत जगत से जुड़े लोग शामिल हों।
पिछले महीने कुलपति प्रो.यदुनाथ दुबे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले थे। उसी समय उन्होंने यह संकेत दिया था। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में जारी संकल्प पत्र में वादा किया था कि महामना मदन मोहन मालवीय की स्मृति में एक संस्कृत विश्वविद्यालय खोला जाएगा।
अभी प्रदेश में सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय ही एक मात्र संस्कृत विश्वविद्यालय है। इसकी सम्बद्धता पूरे देश में है। कई बार यह सुझाव आया कि विश्वविद्यालय की सम्बद्धता का विस्तार अधिक होने से कई समस्याएं आ रही हैं। इसलिए इसका क्षेत्राधिकार सीमित किया जाए।
केंद्रीय विवि के दर्जें के लिए प्रयास में तेजी
सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय अब केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा हासिल करने के लिए प्रयास तेज करेगा। एनओसी के लिए प्रस्ताव काफी दिनों से राज्य सरकार के पास है। एनओसी मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

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