एर्दोगान का भारत दौराः मोदी ने तुर्की की कंपनियों को दिया निवेश का न्यौता

Updated on: 19 November, 2019 05:27 PM

भारत दौरे के दूसरे दिन तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान और पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली में एक बिजनेस इवेंट को संबोधित किया। पीएम मोदी ने तुर्की की कंपनियों को रेल, बंदरगाह, हवाईअड्डा, कपड़ा, वाहन, ऊर्जा, पर्यटन और आवास के क्षेत्र में निवेश का न्यौता दिया।
उन्होंने कहा कि भारत कभी इतना आकर्षक निवेश गंतव्य नहीं रहा जितना कि आज है।
उन्होंने कहा कि भारत और तुर्की के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2016 में 6.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो 2008 में 2.8 अरब डॉलर था।
पीएम मोदी ने कहा कि तुर्की के उद्योगपतियों को भारत में कम लागत वाली विनिर्माण क्षमता का लाभ उठाना चाहिए।
इससे पहले एर्दोगान का सोमवार को राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और पीएम मोदी ने उनका वहां गर्मजोशी से स्वागत किया।
इसके बाद एर्दोगान राजघाट गए और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। उसके बाद वह विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिले।         
गौरतलब है कि एर्दोगान भारत के अधिकारिक दौरे पर रविवार को नई दिल्ली पहुंचे थे। तुर्की के राष्ट्रपति ने रविवार को कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए बहुपक्षीय वार्ता का सुझाव दिया ताकि क्षेत्र में शांति सुनिश्चित हो सके। एर्दोगान ने मोदी के साथ बातचीत से पहले परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में सदस्यता के लिए पाकिस्तान के साथ भारत के प्रयास के पक्ष में भी राय जाहिर की और कहा कि भारत को इस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों के हित में है कि वह इस मुद्दे को हल करें और इसे भावी पीढ़ी के लिए न छोड़ें। उन्होंने कहा, 'दुनियाभर में बातचीत का रास्ता खुला रखने से बेहतर कोई विकल्प नहीं है। अगर हम वैश्विक शांति की दिशा में योगदान दें तो हमें बहुत ही सकारात्मक परिणाम मिल सकता है।
एर्दोगान ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही तुर्की के मित्र हैं और वह कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए सभी पक्षों के बीच बातचीत की प्रक्रिया को मजबूत करने में मदद करना चाहते हैं।

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