बिलकिस बानो केस: बॉम्बे HC ने 11 दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी

Updated on: 03 June, 2020 12:26 PM

बॉम्बे हाईकोर्ट ने साल 2002 में गुजरात दंगो के दौरान हुए बिलकिस बानो कांड में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए 11 लोगों की उम्र कैद की सजा को बरकरार रखा। इस मामले में सत्र न्यायालय के साल 2008 के फैसले को चुनौती दी गई थी। जस्टिस विजया कापसे और जस्टिस मृदुला भाटकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने तीन प्रमुख्य आरोपियों के लिए मौत की सजा की  मांग की थी जिसे कोर्ट ने ठुकरा दिया। गोधरा कांड के बाद हुए गुजरात दंगे में बिलकिस बानो के साथ गैंगरेप की घटना हुई थी और उसके 14 रिश्तेदारों को मौत के घाट उतार दिया गया था।

गौरतलब है कि मार्च 2002 में गुजरात की राजधानी अहमदाबाद से 250 किलोमीटर दूर रंधीकपुर गांव में बिलकिस के परिवार पर एक भीड़ ने हमला किया था। उस समय बिलकिस 19 साल की थीं और 5 महीने की गर्भवती थीं। उनके साथ दोषियों ने गैंगरेप किया था। उनके परिवार के 8 सदस्यों की हत्या कर दी गई थी,जिनमें तीन दिन का एक बच्चा भी था। रेप के बाद बिलकिस को पीटा गया और मरा हुआ जानकर छोड़ दिया गया। सीबीआई ने दोषियों में से तीन के लिए मृत्युदंड देने की मांग की थी, क्योंकि उसका मानना था कि यह एक गंभीर अपराध और यह एक 'सामूहिक हत्याकांड' था। बिलकिस मामले की सुनवाई जनवरी 2005 में शुरू हुई थी।

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