LIVE: कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर ICJ में फैसले की कार्यवाही शुरू

Updated on: 19 November, 2019 04:26 AM

पाकिस्तान ने अपनी दलील में कहा कि भारत को कुलभूषण मामले को आईसीजे में लाने का अधिकार नहीं है, क्योंकि विएना संधि जासूसों, आतंकवादियों तथा जासूसी से जुड़े लोगों पर लागू नहीं होती। साल्वे ने जाधव की गिरफ्तारी, उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने तथा मामले की सुनवाई से संबंधित तमाम कार्रवाई को विवेकशून्य तरीके से संयुक्त राष्ट्र के चार्टर तथा विएना संधि का उल्लंघन करार दिया और कहा कि मनगढ़ंत आरोपों के संदर्भ में उन्हें अपना बचाव करने के लिए कानूनी सहायता मुहैया नहीं कराई गई।

साल्वे ने अदालत से कहा कि 16 मार्च, 2016 को ईरान में जाधव का अपहरण किया गया और फिर पाकिस्तान लाकर कथित तौर पर भारतीय जासूस के तौर पर पेश किया गया और सैन्य हिरासत में एक दंडाधिकारी के समक्ष उनसे कबूलनामा लिया गया। उन्हें किसी से संपर्क नहीं करने दिया गया और सुनवाई भी एकतफा की गई। साल्वे ने कहा, “मैं आईसीजे से आग्रह करता हूं कि वह सुनिश्चित करे कि जाधव को फांसी न दी जाए, पाकिस्तान इस अदालत बताए कि (फांसी नहीं देने की) कार्रवाई की जा चुकी है और ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जो जाधव मामले में भारत के आधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता हो।”
पाकिस्तान की तरफ से पेश हुए वकील खवार कुरैशी ने मामले को आईसीजे में लाने के भारत के प्रयास को खारिज करते हुए कहा कि विएना संधि के प्रावधान जासूसों, आतंकवादियों तथा जासूसी में संलिप्त लोगों के मामलों में लागू नहीं होते हैं। कुरैशी ने यह भी कहा कि भारत ने इस साल जनवरी में पाकिस्तान के उस संपर्क का कोई जवाब नहीं दिया, जिसमें जाधव से संबंधित मामले की जांच के लिए उससे सहयोग मांगा गया था।
पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगाने वाली अंतरराष्ट्रीय कोर्ट (ICJ) में सुनवाई पूरी हो गई है। आईसीजे ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने कहा है कि वह जल्द से जल्द इस मामले में अपना फैसला सुना देंगे और फैसले की जो भी तारीख तय की जाएगी उसकी जानकारी दोनों पक्षों को दे दी जाएगी। भारतीय समय अनुसार 1 बजकर 30 मिनट से भारत अपना पक्ष रखना शुरू किया था और उन्हें 90 मिनट का समय मिला था। शाम को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के सामने पाकिस्तान ने अपना पक्ष रखा और उसे भी 90 मिनट का समय दिया गया। इस मामले में भारत ने विएना समझौते का हवाला देते हुए जाधव की फांसी पर रोक लगाने की मांग की है।

अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में पाकिस्तान की दलील...

- पाकिस्तान के आईसीजे के सामने रखा अपना पक्ष।

- जाधव को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया।
- भारत जाधव पर लगे आरोप पर रहा शांत।
- भारत को जाधव मामले में दिए गए सबूत।
- भारत को जाधव मामले की एफआईआर कॉपी भेजी गई।
- कबूलनामे वाला वीडियो इस मामले का अहम सबूत।

- पाकिस्तान ने कहा, जाधव ईरान का बॉर्डर क्रॉस करके आया था पाकिस्तान।
- पाकिस्तान ने इंटरनेशनल कोर्ट में कुलभूषण जाधव के कबूलनामे का वीडियो दिखाने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने कहा-वीडियो सबके पास कोई भी उसे देख सकता है।

- भारत की अपील में कई खामियां हैं।

- पाक ने कहा, जाधव मामले में लागू नहीं होती विएना संधि।

- पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत ने इंटरनेशनल कोर्ट का सियासी ड्रामे की तरह इस्तेमाल किया।

- पाकिस्तान ने कहा कि जाधव की फांसी पर रोक लगाने के लिए बेवजह दाखिल की याचिका।

- भारत ने जाधव के पासपोर्ट की कॉपी दी थी।
- पासपोर्ट में कुलभूषण जाधव का दूसरा नाम था।

- हमने भारत को शामिल होने के लिए पत्र भेजा था।

अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में भारत ने कहा...

- भारत ने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के सामने अपना पक्ष रख दिया । शाम को पाकिस्तान रखेगा अपना पक्ष। 

- जाधव को बिना बताए ट्रायल शुरू कर दिया गया था।

- साल्वे ने कहा, भारत को डर है कि कुलभूषण मामले में सुनवाई पूरी होने से पहलेे ही कहीं उसे फांसी न दे दिया जाए।

- पाकिस्तान ने भारत के काॅन्सुलर एक्सेस को क्यों मना किया इसकी कोई वजह नहीं बताई: हरीश साल्वे

- हरीश साल्वे ने कहा कि आईसीजे में हताशा के चलते अपील दायर की गई है।

- पाकिस्तान ने जाधव को ईरान से किया था किडनैप।

- पाक कोर्ट में जाधव का ट्रायल मजाक।

- साल्वे ने कहा, पाकिस्तान ने पिछले एक साल से जाधव की सेहत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

- भारत ने कहा कि बस पाक मीडिया से जानकारी मिली।

- पाकिस्तान ने अभी तक चार्जशीट नहीं दी।

- हरीश साल्वे ने कहा कि भारत लगातार कॉन्सुलर एक्सेस का अनुरोध करता रहा लेकिन पाकिस्तान बार-बार इनकार करता रहा।

-  हमें कॉन्सुलर एक्सेस नहीं दिया गया।

- भारत की ओर से लगातार कोशिशों के बावजूद जाधव को कानून मदद दिए बिना ही फांसी की सजा सुना दी गई।

- पाकिस्तान ने जाधव के परिवार को वीजा तक नहीं दिया और उनसे मिलने नहीं दिया।

- दवाब में लिया गया कुलभूषण जाधव का कबूलनामा।

भारत ने 8 मई को अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत में याचिका दायर कर 46 वर्षीय कुलभूषण जाधव के लिए न्याय की मांग की थी। भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने पूर्व नौसैनिक अधिकारी से राजनयिक संपर्क के लिए दिए गए 16 आवेदनों की अनदेखी कर वियना संधि का उल्लंघन किया। आईसीजे ने भारत की याचिका पर हेग अदालत ने मामले की सुनवाई तक पाकिस्तान से कुलभूषण की फांसी की सजा पर रोक लगाने को कहा था। हालांकि पाकिस्तान ने हेग अदालत के फैसले को नहीं मानने का निर्णय लिया है।

पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने पिछले महीने जाधव को कथित तौर पर जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों के आरोप में फांसी की सजा सुनाई थी। पाकिस्तान ने जाधव के परिवार द्वारा वीजा के लिए किए गए आवेदन पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। जाधव को पिछले साल 3 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।
भारत और पाक 18 साल बाद एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) में हैं। इस बार मामला कुलभूषण जाधव को पाक द्वारा फांसी की सजा सुनाने के खिलाफ भारत द्वारा आईसीजे का दरवाजा खटखटाये जाने का है, जबकि 18 साल पहले इस्लामाबाद ने अपने एक विमान को मार गिराए जाने के बाद न्यायालय से हस्तक्षेप की गुहार लगाई थी। 10 अगस्त 1999 को कच्छ क्षेत्र में भारतीय वायुसेना ने एक पाकिस्तानी समुद्री टोही विमान एटलांटिक को मार गिराया था। विमान में सवार सभी 16 नौसैनिकों की मौत हो गई थी। पाक का दावा था विमान को उसके वायुक्षेत्र में मार गिराया गया और उसने भारत से 6 करोड़ अमेरिकी डॉलर के मुआवजे की मांग की थी। हेग अदालत की 16 जजों की पीठ ने 21 जून 2000 को 14-2 से पाकिस्तान के दावे को खारिज कर दिया था।

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