पड़ताल : नाइजीरिया से अगवा हुईं 276 छात्राओं का क्या हुआ?

Updated on: 10 December, 2019 10:40 AM

अप्रैल 2014 में चरमपंथी आतंकियों ने नाइजीरिया में चिबॉक इलाके के एक स्कूल से 276 लड़कियों को अगवा कर लिया था। आतंकियों ने इसी महीने कुछ छात्राओं को अपने कब्जे से मुक्त किया है कि लेकिन बाकी छात्राओं का क्या हुआ?

पढ़ें पूरी दास्तां-
तारीख थी 14 अप्रैल 2014। कुछ बंदूकधारी आतंकी स्कूल में घुसे और स्कूल के एक अहाते में सो रही 276 छात्राओं को अपहरण कर ले गए। ये छात्राएं शायद दूर दराज के गांवों से यहां परीक्षा देने आई थीं।

जिस आतंकी संगठन बोको हरान में इन छात्राओं को अगवा किया था उसने 2009 से यहां उत्तरी नाइजीरिया में दहशत का माहौल बना रखा है। 2009 में बोको हराम ने कई इलाकों में बम धमाके किए जिसमें सैकड़ों लोंगी जान चली गई। आतंकियों की जो बात नहीं मानते उन गांवों में आग लगा दी गई जिसके बाद से यहां लोग दहशत में जी रहे हैं।

लेकिन यह आतंकी संगठन सबसे ज्यादा तब चर्चा में आया जब एक स्कूल से 276 किशोरियों को अगवा कर लिया। नाइजीरिया समेत दुनिया के कई हिस्सों में छात्राओं में मुक्त कराने के लिए अभियान चलाए गए यहां तक बाराक ओबामा की पत्‍नी मिशेल ओबामा तक ने हाथ में तख्‍ती लेकर ब्रिंगबैक अवर गर्ल प्रदर्शन का समर्थन किया था।

लेकिन सवाल यही है अब इन छात्राओं का हुआ क्या?

छात्राओं के अगवा होने के कुछ महीने के बाद ही खबर आई थी कि 57 लड़कियां आतंकियों के चंगुल से भाग निकलने में कामयाब हो गईं। वहीं बाकी लड़कियों को सांबिया के घने जंगल की ओर ले जाया गया। पिछले तीन सालों से आतंकी उन्हें कभी गुफाओं में रखते हैं कभी अपने कब्जे के शहर में तो कभी जंगल में। यहां लड़कियों को मुश्किल से खाना मिल पा रहा है। बीबीसी के अनुसार, जानाकारी मिली है कि कई बार तो लड़कियों को चोरी की गई गायों के मांस का छोटा टुकड़ा ही खाने को दिया जाता है।

अब जब नाइजीरिया में 18 माह बाद ही चुनाव आने वाले हैं तो सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और सेना का प्रयोग छात्राओं को छुड़ाने के प्रयास शुरू किए हैं। हालांकि सेना के इस कदम से बोको हराम ने गुलाम बनाकर रखी गई छात्राओं का और ज्यादा जीना हराम कर दिया है।
हाल में जो लड़कियां बोको हरम के चंगुल से मुक्त हुई हैं उनमें से ज्यादातर की हालत ऐसी हो चुकी है कि वह घटना पर अपनी प्रतिक्रिया भी नहीं दे पा रहीं। जहां भी उन्हें खड़ा किया जाता है तो वह एक लेन में खड़ी हो जाती हैं।

सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि जो छात्राएं अभी आतंकियों के कब्जे में हैं उनकी सेहत काफी खराब हो चुकी है हालांकि अगवा की गई सभी लड़कियां अभी तक जीवित हैं। इधर जिन परिवारों को उनकी बेटियां वापस मिली हैं वह खुश हुए हैं लेकिन अभी भी सैकड़ों परिवार अपनी बेटियों के न मिलने से मायूस हैं।

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