कोयला घोटाला: पूर्व सचिव HC गुप्ता समेत 3 पूर्व अफसरों को 2 साल जेल की सजा

Updated on: 25 August, 2019 12:05 AM

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट स्थित स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सोमवार को कोयला घोटाले में दोषी पूर्व कोयला सचिव एच सी गुप्ता, कोयला मंत्रालय के तत्कालीन संयुक्त सचिव के एस क्रोफा और तत्कालीन निदेशक के सी समारिया को दो साल जेल की सजा सुनायी। हालांकि तीनों दोषियों को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर तत्काल जमानत भी मिल गयी।

यूपीए सरकार के समय मध्यप्रदेश के थेसगोड़ा-बी रूद्रपुरी कोयला ब्लॉक के आवंटन घोटाले में गुप्ता, क्रोफा, समारिया और कंपनी केएसएसपीएल और उसके प्रबंध निदेशक पवन कुमार आहलूवालिया को दोषी करार दिया गया था। दो साल जेल की सजा पाए आहलूवालिया को भी कोर्ट से जमानत मिल गयी। 

इस कोयला घोटाले से जुड़े ये चार किरदार कौन हैं, इस पर एक रिपोर्ट—

1. एच सी गुप्ता—  यह 31 दिसंबर 2005 से नवंबर 2008 तक कोयला सचिव थे। इन्होंने तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह के समक्ष कमल स्पॉंज स्टील एंड पावर लिमिटेड (केएसएसपीएल) कंपनी को मध्य प्रदेश में कोयला ब्लॉक आवंटित करने की सिफारिश की थी, जो उस समय आवंटन के नियमों को पूरा नहीं करती थी। सीबीआई ने विशेष अदालत से गुप्ता को  धोखाधड़ी और आपराधिक षडयंत्र के जुर्म में अधिकतम सात साल जेल की मांग की है। गुप्ता के खिलाफ कोयला घोटाले से जुडे 10 और मामले लंबित हैं, जिन पर अलग से कार्रवाई चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी मामलों पर संयुक्त सुनवाई की गुप्ता की याचिका को पिछले वर्ष खारिज कर दिया था।

2. के एस क्रोफा— यह कोयला मंत्रालय के तत्कालीन संयुक्त सचिव थे। इन्हें भी विशेष कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन में अनियमितता का दोषी माना है। क्रोफा असम मेघालय कैडर के 1982 बैच के आईएएस अ​धिकारी हैं। फिलहाल यह मेघालय के मुख्य सचिव हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मेघालय सरकार क्रोफा पर कोई कार्रवाई करने से पहले विशेष कोर्ट के फैसले की कॉपी का इंतजार कर रही है। वहीं, क्रोफा ने कहा है कि उनको जब फैसले की कॉपी मिल जाएगी तो वे उच्च अदालत में फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। मेघालय सरकार ने उनको 29 फरवरी 2016 में उनको मुख्य सचिव बताया था। इन पर कोयला घोटाले से जुड़े 8 मामलों में शामिल होने का आरोप है।  

3. के सी समारिया— यह कोयला मंत्रालय के तत्कालीन निदेशक थे। कोयला ब्लॉक आवंटन में य​ह भी अनियमितता के दोषी माने गए हैं। इन पर कोयला घोटाले से जुड़े 6 मामलों में संलिप्त होने का आरोप है।        

4. पवन कुमार आहलूवालिया— यह कोयला घोटाले में शामिल कंपनी केएसएसपीएल के प्रबंध निदेशक हैं। इनकी कंपनी के सतना और जयपुर में कार्यालय हैं।

 

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