भारतीय सेना ने तोप से उड़ाई चौकी, 25 पाक सैनिकों के मारे जाने की संभावना

Updated on: 19 November, 2019 04:27 AM

पाकिस्तान की घुसपैठ के खिलाफ मंगलवार को भारतीय सेना ने कार्रवाई करते हुए तोप से पाकिस्तान की चौकी तबाह कर दिया है। मेजर जनरल अशोक नरूला ने बताया कि इस चौकी को आतंकवादियों की घुसपैठ मे मदद करने पर ये कार्रवाई की गई है। भारतीय सेना के इस हमले में पाकिस्तान के 20 से 25 सैनिकों के मारे जाने की संभावना है।

अशोक नरूला ने बताया कि एलओसी पर हमारा कब्जा है और नौशेरा में हुई कार्रवाई का 24 सेंकेड का वीडियो जारी कर दिया है। सेना का कहना है कि जम्मू-कश्मीर से 100 किलोमीटर दूर नौशेरा में सेना ने पाकिस्तानी चौकियों के खिलाफ कार्रवाई की है। पाकिस्तान की ओर से बर्फ पिघलने से और दर्रें पिघलने से घुसपैठ की आशंका है।
सेना ने इस मामले में 24 सेकंड का वीडियो जारी किया है। जिसमें यह दिखाई दे रहा है कि किस प्रकार सेना ने पाकिस्तानी पोस्ट को ध्वस्त कर दिया हैं। इस दौरान करीब 21 ब्लास्ट हुए और पाकिस्तान की पोस्ट पूरी तरह बर्बाद हो गई।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी की तरफ से हो रही गोलाबारी से भारत के गांवों को भी भारी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश की सीमा पर घुसपैठ रोके। नरूला ने बताया कि हमने हाल में नौशेरा में जो कार्रवाई की है वह घुसपैठियों के खिलाफ ही थी। यह कार्रवाई हमारी आतंकवाद विरोधी अभियान का हिस्सा है।

सेना का कहना है कि हम कश्मीर में अमन और शांति चाहते हैं। हम इसके लिए सीमा पर घुसपैठ को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि आतंकियों की संख्या कम से कम हो और राज्य के युवा गलत राह पर न चलें। हम आतंकियों को रोकने के लिए सीमा पर इस तरह की कार्रवाई करते रहते हैं।
भारतीय सैनिकों ने 28-29 सितंबर 2016 को गुलाम कश्मीर में जाकर आतंकियों के लॉन्च पैंड को तबाह कर दिया था। इस सर्जिकल स्ट्राइक को 19 पैरा कमांडोज ने अंजाम दिया था और इस साल 26 जनवरी को पूरी टीम को सम्मानित किया गया था और कई अफसरों को मेडल से नवाजा गया। पर पैरा कमांडोज ने कैसे इस पूरे सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया सरकार ने इस पूरे ऑपरेशन कहानी शेयर की है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पैरा रेजिमेंट के 4th और 9th बटालियान के एक कर्नल, पांच मेजर, दो कैप्टन, एक सूबेदार, दो नायब सूबेदार, तीन हवलदार, एक लांस नायक और चार पैराट्रूपर्स ने सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। मेजर रोहित सूरी के नेतृत्व में 28-29 सितंबर की रात को आठ कमांडोज की टीम गुलाम कश्मीर के लिए रवाना हुई। सर्जिकल स्ट्राइक से पहले मेजर सूरी ने पूरे इलाके की रेकी की और जवानों को इंतजार करने को कहा। सुबह छह बजे होते ही भारतीय सेना आतंकियों पर टूट पड़े। इस दौरान मेजर सूरी ने जान की परवाह किए बिना दो आतंकियों का पीछा कर उन्हें नजदीक जाकर मार गिराया।
नायब सूबेदार विजय कुमार को आतंकवादियों पर नजर बनाए रखने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक से एक दिन पहले ही गुलाम कश्मीर में भेज दिया गया था। सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान विजय कुमार ने जान की परवाह किए बैगर दो आतंकियों को मार गिराया और उनकी मशीनगनों को तबाह कर दिया। इसके बाद भी एक आतंकी ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहा था जिसे विजय कुमार ने बड़ी बहादुरी के साथ मार गिराया।

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