सहारनपुर बवाल: 1 की मौत के बाद अलर्ट जारी, आला अफसरों ने संभाली कमान

Updated on: 20 August, 2019 04:54 AM

सहारनपुर में दोबारा भड़की हिंसा के बाद से वहां माहौल बहुत गर्म है। इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया है। योगी सरकार ने इस हिंसा की जांच के लिए बड़े अफसरों की एक टीम वहां भेज दी है। लखनऊ से बड़े अफसर मंगलवार देर रात वहां की स्थिति का जायजा लेने पहुंच गए हैं। सूत्र बता रहे हैं कि इस मामले में 3 पर एफआईआर दर्ज हुई है और 24 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

सहारनपुर के संवेदनशील हालातों को देखते हुए वहां अलीगढ़, आगरा और मेरठ से भी पीएसी की टीम भेजी गई है। योगी सरकार ने ऐसे हालातों में शांति की अपील करते हुए आश्वासन दिया है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सरकार की ओर से जिलाधिकारियों और पुलिस अफसरों को निर्देश दिये गए हैं कि वे जातीय संगठनों के धरना-प्रदर्शन की अनुमति देने से पहले पूरी सतर्कता बरतें और उचित वातावरण होने पर ही इस बारे में कोई निर्णय लें।

आला अफसर तलब: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाम को अपने वरिष्ठ अफसरों को तलब किया और सहारनपुर के पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने चार वरिष्ठ पुलिस अफसरों को स्टेट प्लेन से तत्काल सहारनपुर भेजने और हर हाल में वहां कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दल में गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्रा, एडीजी लॉ एण्ड आर्डर  आदित्य मिश्रा, आईजी एसटीएफ अमिताभ यश और डीजी सुरक्षा विजय भूषण शामिल हैं।

शांति की अपील: मुख्यमंत्री ने  सहारनपुर में घटी घटना को दु:खद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए घटना में मारे गए युवक के प्रति शोक संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री ने धैर्य व संयम बनाए रखने तथा विपक्षी दलों सहित सभी लोगों से शान्ति बहाली में सहयोग करने की अपील की है।

क्या है मामला

बसपा अध्यक्ष मायावती के लौटने के बाद सहारनपुर में मंगलवार को फिर हिंसा भड़क उठी। शब्बीरपुर में मायावती की सभा से लौटते वक्त रास्ते के गांव अंबेहटा चांद और चंदपुर में लोगों पर उपद्रवियों ने हमला कर दिया। अंबेहटा में एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई। हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की।

5 मई को महाराणा प्रताप जयंती पर शब्बीरपुर में जुलूस के दौरान हुई जातीर्य हिंसा के बाद मायावती इस गांव में पीड़ितों से मिलने आई थीं। उनकी सभा से लौटते वक्त गांव अंबेहटा चांद के पास सरसावा के आशीष और सचिन को कुछ लोगों ने घेर लिया। उन्होंने आशीष को गोली मार दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सचिन गंभीर रूप से घायल हो गया।

उधर, एक वाहन से सभा से लौट रहे लोगों पर गांव चंदपुर में भी हमला किया गया। वाहन पर बसपा का झंडा लगा था। इसमें भी सरसावा के धीरेन्द्र को गोली लगी है। जबकि पांच को तलवार से घायल कर दिया। मायावती के आने से पहले शब्बीरपुर में भी कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि उनके घरों पर दूसरे पक्ष के युवकों ने हमला किया और 20 से अधिक घरों में आग लगा दी। महिलाओं ने अभद्रता का आरोप लगाया। मौके पर पहुंचे डीएम व एसएसपी ने कहा कि मामले को तूल देने के लिए कुछ घरों में कूड़े और फूस में आग लगाई गई है।

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