राष्ट्रपति चुनाव: संघ परिवार से होगा प्रेसिडेंट, थावरचंद गहलोत रेस में सबसे आगे

Updated on: 19 October, 2019 04:20 PM

इस साल जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को देखते हुए भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए आरएसएस की पृष्ठभूमि वाले दलित या आदिवासी नेता को अपना प्रत्याशी बना सकती है। सूत्रों की माने तो केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत इस रेस में सबसे आगे चल रहे हैं।

संघ के सूत्रों के अनुसार, झारखंड की पहली महिला राज्यपाल द्रौपदी मुर्मु भी इस रेस में हैं। उनके नाम पर भी संघ को कोई आपत्ति नहीं है।

गौरतलब है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को संघ प्रमुख मोहन भागवत और भैयाजी जोशी से संघ मुख्यालय में मुलाकात की थी।

संघ के सूत्रों के अनुसार, भागवत और जोशी चाहते हैं कि संघ की पृष्ठभूमि वाले किसी व्यक्ति को राष्ट्रपति बनाया जाए।

संघ दलित या आदिवासी नेता को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाकर यह संदेश देना चाहता है ​कि आरएसएस कोई जातिवादी संगठन नहीं है।

जानें कौन हैं गहलोत और मुर्मु

संघ के प्रचारक रहे 69 वर्षीय गहलोत उज्जैन के हैं, वह 3 बार विधायक रहे और मध्य प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री भी रहे हैं। 1996 से 2009 तक शाजापुर सुरक्षित सीट से लगातार 4 बार सांसद भी रहे हैं। फिलहाल वे 2012 से राज्यसभा में अपने गृह राज्य मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

द्रौपदी मुर्मु ओड़िशा के मयूरभंज जिले से आती हैं। वह बीजू जनता दल और भाजपा की गठबंधन सरकार में 2000 से 2002 के बीच राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार थीं। वह रायरंगपुर से दो बार विधायक रह चुकी हैं।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 25 जुलाई को खत्म हो रहा है। यूपी और उत्तराखंड के विधानसभा चुनावों में शानदार जीत से भाजपा मजबूत स्थिति में है।

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