भंवरी देवी मर्डर: मास्टरमाइंड इंद्रा 5 साल बाद अरेस्ट, MP में काट रही थी फरारी

Updated on: 19 November, 2019 05:27 PM

जोधपुर/जयपुर. राजस्थान के हाईप्रोफाइल भंवरी देवी मर्डर केस की मास्टरमाइंड इंद्रा विश्नोई शुक्रवार को मध्य प्रदेश के देवास से गिरफ्तार कर ली गई। वह पिछले करीब साढ़े पांच साल से नर्मदा के किनारे फरारी काट रही थी। बता दें कि भंवरी का 1 सितंबर 2011 को अपहरण किया गया था। बाद में उसकी हत्या कर दी गई थी। पांच लाख का इनाम था...

- इंद्रा को देवास में एक परिवार ने पनाह दी थी। यह परिवार करीब 50 साल पहले जोधपुर से आकर देवास में बस गया था और इंद्रा के परिवार को जानता था।
- इंद्रा पर सीबीआई ने पांच लाख रुपए का इनाम रखा था। 3 नवंबर 2011 को सीबीआई ने पहली बार उससे पूछताछ थी। एक महीने में उससे 6 बार पूछताछ की गई। फिर 3 दिसंबर 2011 को वह फरार हो गई थी। एटीएस उसे सीबीआई को सौंपेगी।

2 महीने से थी नजर
- इंद्रा के देवास में होने की खबर उदयपुर एटीएस चौकी को करीब दो महीने पहले मिली थी।
- इसके बाद एटीएस के एडीजी उमेश मिश्रा, आईजी बीजू जार्ज जोसफ और एएसपी शांतनु कुमार की मॉनिटरिंग में टीमें उसकी तलाश में जुट गईं।
- एडीजी उमेश मिश्रा ने बताया कि साढ़े पांच साल बीतने और गरीबों जैसी हालत में होने की वजह से इंद्रा की फोटो के आधार पर पहचान नहीं हो पा रही थी। इस बीच, एक महीने पहले बीजू को फिर पता चला कि इंद्रा देवास में ही है। उसकी तलाश की गई। एटीएस ने शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।
क्यों किया था भंवरी काे अगवा?
- आरोप है कि भंवरी देवी के राजस्थान के पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा से रिश्ते थे। उनके साथ उसकी सीडी भी थी।
- कहा जाता है कि भंवरी के इंद्रा के भाई और पूर्व एमएलए मलखान सिंह विश्नोई से भी संबंध थे। उससे एक बेटी भी थी। भंवरी उस बेटी का हक मांगने की धमकी दे रही थी। इंद्रा ने उसे ऐसा करने से रोका था।
- इंद्रा भंवरी के पास मौजूद मदेरणा की सीडी भी हासिल करना चाहती थी। इसके लिए उसने अपने भाई मलखान और रिश्तेदार सोहनलाल की मदद से भंवरी को अगवा करवा लिया था।
क्यों हुआ भंवरी का मर्डर?
- अगवा करने के बाद भंवरी को विश्नाराम की गैंग को सौंप दिया गया। यह गैंग कुछ दिन तक भंवरी को टॉर्चर कर सीडी हथियाने की कोशिश करता रहा। सीडी का पता चला तो उसे हासिल करने के लिए कार से भंवरी के साथ निकला। रास्ते में भंवरी ने ज्यादा विरोध किया तो उसका मर्डर कर दिया गया।
10 लाख में भंवरी के पति को अपने पक्ष में किया
- भंवरी के मर्डर के बाद इंद्रा ने उसके पति अमरचंद को 10 लाख रुपए दिए। उसे भंवरी के मर्डर का आरोप मंत्री मदेरणा पर लगाने के लिए तैयार किया।
- इंद्रा के कहने पर अमरचंद ने मदेरणा के खिलाफ केस दर्ज करवाया और खुद इंसाफ के लिए आंदोलन चलाने लगी।
- इंद्रा मदेरणा को भंवरी के मर्डर में फंसाकर अपने भाई मलखान को मंत्री बनवाना चाहती थी।
- मामले की सीबीआई जांच शुरू हुई तो इंद्रा का भाई मलखान गिरफ्तार कर लिया गया। इंद्रा से पूछताछ शुरू हुई। तभी गिरफ्तारी से बचने के लिए वह फरार हो गई।
आखिरी आरोपी इंद्रा और आखिरी गवाह अमेरिकी अंबर: केस कम्प्लीट
- इस केस में महिपाल मदेरणा और मलखान सिंह समेत 16 आरोपी जेल में हैं। अब इंद्रा की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
- उधर, एससी-एसटी कोर्ट में सीबीआई के गवाहों के क्रॉस एग्जामिनेशन भी आखिरी दौर में है।
- केस की एक अहम गवाह अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) की डीएनए एक्सपर्ट अंबर-डी-कार गवाही देने जोधपुर आने वाली हैं।
- कोर्ट ने यूएस एम्बेसी के मार्फत समन भेज दिया है, उन्हें 22 जून को हाजिर होना है। यानी आखिरी मुलजिम और आखिरी गवाह के साथ यह केस पूरा हो जाएगा। बस अब इसमें फैसला आना बाकी है।

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