सरकार की नाकामी हैं कश्मीर के हालात, वहां अमन की जगह डर है: सोनिया

Updated on: 21 November, 2019 05:44 PM

नई दिल्ली.सोनिया गांधी के घर पर मंगलवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग हुई। पार्टी प्रेसिडेंट की अध्यक्षता में मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक हालात, गौरक्षा के लिए हिंसा के अलावा अगले महीने होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चर्चा हुई। सोनिया ने कहा, ''कश्मीर के हालात मोदी सरकार की नाकामी हैं। वहां पहले अमन था, लेकिन अब टकराव, तनाव और डर है। मोदी सरकार में एकता और इन्टॉलरेंस कहां है? इस सरकार ने सिर्फ लोगों को भड़काने का काम किया है।'' प्रेसिडेंट इलेक्शन पर क्या बोलीं सोनिया...
- सोनिया ने कहा, ''जो भी विकास के काम हो रहे हैं, वो सब यूपीए सरकार में शुरू किए गए थे। एनडीए सरकार ने दुनिया के सामने ओछी सोच दिखाई है।''
- प्रेसिडेंट इलेक्शन पर सोनिया ने कहा कि हम अपने जैसी सोच रखने वाली पार्टियों से मिल रहे हैं। ताकि कैंडिडेट्स को लेकर आम राय बन सके। बातचीत के जरिए रास्ता निकालेंगे।
- बता दें कि प्रेसिडेंट कैंडिडेट को लेकर आम राय बनाने के लिए 26 मई को सोनिया गांधी ने विपक्षी नेताओं के लिए लंच होस्ट किया था।
कांग्रेस ने और क्या कहा?
- कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुलाम नबी आजाद ने कहा- ''प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट इलेक्शन को लेकर चर्चा हुई। मीटिंग में सभी नेताओं ने अपनी बात रखी। वर्किंग कमेटी ने इसरो को बधाई दी। पिछले 60 सालों में कांग्रेस जो सपना देखा था। इसरो उस पर आगे बढ़ रहा है।''
- ''एनडीए सरकार चाहे जितनी खुशी मना ले। लेकिन देश के लिए ये तीन साल निराशाजनक रहे। इस दौरान डर के अलावा और कुछ नहीं दिखा। ये डर किसी एक व्यक्ति या विपक्ष तक ही सीमित नहीं रहा। इस देश के दलित, महिलाओं, अल्पसंख्यक इस भय का शिकार हो रहे हैं।''
- ''हजारों करोड़ बकाया हैं, लेकिन सरकार का कुछ नहीं हुआ। केवल एक चैनल का बकाया था, उससे सरकार हिल गई। दलितों-महिलाओं के साथ क्या हुआ, हम देख रहे हैं। 30 फीसदी क्राइम बढ़ गया है, बहू-बेटियों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।''
सरकार ने नौजवानों से धोखा किया
- आजाद ने आरोप लगाया- ''एक नारा दिया था इस सरकार ने- सबका साथ, सबका विकास। इसका उल्टा किया इन लोगों ने, ये केवल नारों की सरकार है। जमीन पर इसकी हकीकत जीरो है। नौजवानों के साथ धोखा हुआ, करोड़ों नौजवान रोजगार मांगते हैं।''
- ''10 करोड़ रोजगार देने का वादा किया था पार्लियामेंट में, नया रोजगार तो मिला नहीं किसी को। दूसरी ओर करोड़ों लोग बेरोजगार हो गए। पहला इम्प्लॉयमेंट खत्म हुआ और नया इम्प्लॉयमेंट जीरो है।''
किसानों के लिए सरकार के वादे झूठे निकले
- आजाद ने कहा, ''यूपीए सरकार ने किसानों के साथ पूरी सहानुभूति दिखाई। हम किसानों के हमदर्द थे, इसलिए प्रोडक्शन बढ़ता था। एनडीए ने वादा किया था कि जो भी अनाज पैदा करने में पैसा लगता है, उसके ऊपर 50% और फायदा होगा, लेकिन तमाम वादे झूठे निकले।''
- ''यही वजह है कि आज हर साल 12 हजार से ज्यादा किसान आत्महत्या करते हैं। पूरे देश में किसान परेशान हैं। कहीं सूखा है तो कहीं किसान सुसाइड करते हैं। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के अंदर विरोध चल रहा है, सरकार साथ देने की बजाय, उन पर लाठीचार्ज कर रही है।''
कौन-कौन नेता पहुंचे?
- इस मीटिंग में सोनिया, राहुल के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गुलाम नबी आजाद, पी. चिदंबरम, अंबिका सोनी, जनार्दन द्विवेदी समेत कई सीनियर लीडर मौजूद रहे।
- सूत्रों के मुताबिक, 2019 के लोकसभा इलेक्शन से पहले कांग्रेस अपोजिशन का एक मजबूत फ्रंट तैयार करने की कोशिश कर रही है ताकि NDA अलायंस को टक्कर दे सकें।
सोनिया ने अपोजिशन को दिया था लंच
- प्रेसिडेंट कैंडिडेट को लेकर आम राय बनाने के लिए 26 मई को सोनिया गांधी ने विपक्षी नेताओं के लिए लंच होस्ट किया था। इसमें लालू प्रसाद यादव और ममता बनर्जी समेत 17 नेता शामिल हुए थे। हालांकि, नीतीश ने इसमें शिरकत नहीं की थी। उनकी पार्टी की तरफ से शरद यादव और केसी. त्यागी इसमें शामिल हुए थे।
- सोनिया के लंच के बाद पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा था कि प्रेसिडेंट कैंडिडेट को लेकर आम राय नहीं बन पाई। इसके लिए एक कमेटी बनाई जाएगी।
सोनिया के लंच में ये नेता हुए शामिल
1. कांग्रेस: सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मनमोहन सिंह
2. एनसीपी- शरद पवार
3. सीपीआई(एम) - सीताराम येचुरी
4. सीपीआई- डी राजा
5 आरजेडी- लालू प्रसाद यादव
6. टीएमसी- ममता बनर्जी
7. बीएसपी- मायावती
8. एसपी - अखिलेश यादव
8. डीएमके- कनिमोझी
9. जेडीयू- शरद यादव। नीतीश कुमार नहीं पहुंचे।
10. एआईयूडीएफ- बदरुद्दीन अजमल
11. जेडीएल- एचडी देवगौड़ा
ये पार्टियां भी शामिल हुईं
12. इंडियन यूनियन ऑफ मुस्लिम लीग
13. झारखंड मुक्ति मोर्चा
14. केरल कांग्रेस
15. नेशनल कॉन्फ्रेंस
ये पार्टियां नहीं पहुंचीं
- बीजू जनता दल, तेलंगाना राष्ट्रीय समिति, एआईएएमडीके
केजरीवाल को न्योता नहीं
- खास बात ये है कि सोनिया गांधी ने अपोजिशन लीडर्स के लिए शुक्रवार को जो डिनर होस्ट किया, उसमें 17 विपक्षी नेता तो शामिल हुए, लेकिन इसके लिए अरविंद केजरीवाल को इनविटेशन ही नहीं भेजा गया।
- आम आदमी पार्टी ने इस बारे में कोई रिएक्शन भी नहीं दिया।

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