मंदसौर किसान आंदोलन: पुलिस हिरासत में राहुल, अस्थायी जेल भेजे गए

Updated on: 16 September, 2019 02:52 AM

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को नीमच के पास मध्य प्रदेश पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। राहुल मंदसौर में पुलिस फायरिंग में मारे गए किसानों के परिजनों से मुलाकात करने जा रहे थे। स्थानीय पुलिस ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि उन्हें जिले में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। आपको बता दें कि मंदसौर में इस सप्ताह के शुरूआत में प्रदर्शनों में पांच किसान मारे गए थे।
इससे पहले पुलिस को चकमा देते हुए राजस्थान से बाइक के रास्ते मंदसौर की ओर रवाना हुए हैं। नीमच के पुलिस अधीक्षक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें हिंसा प्रभावित जिले में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। एसपी ने कहा कि अगर कांग्रेस नेता ने जिले में घुसने का प्रयास किया तो उन्हें हिरासत में ले लिया जाएगा।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को नीमच के पास मध्य प्रदेश पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। राहुल मंदसौर में पुलिस फायरिंग में मारे गए किसानों के परिजनों से मुलाकात करने जा रहे थे। स्थानीय पुलिस ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि उन्हें जिले में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। आपको बता दें कि मंदसौर में इस सप्ताह के शुरूआत में प्रदर्शनों में पांच किसान मारे गए थे।
इससे पहले पुलिस को चकमा देते हुए राजस्थान से बाइक के रास्ते मंदसौर की ओर रवाना हुए हैं। नीमच के पुलिस अधीक्षक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें हिंसा प्रभावित जिले में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। एसपी ने कहा कि अगर कांग्रेस नेता ने जिले में घुसने का प्रयास किया तो उन्हें हिरासत में ले लिया जाएगा।

कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में पुलिस गोलीबारी में पांच किसानों के मारे जाने को निर्मम हत्या करार दिया था और इस मामले पर प्रधानमंत्री की खामोशी पर भी प्रश्न उठाए थे। कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह भारतीय किसानों के लिए मौत का अभिश्राप है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह बेहद अपमानजनक और दुभार्ग्यपूर्ण है कि भाजपा की अगुआई वाली राजग गोलीबारी की घटना को नकारने के मोड पर है। राहुल किसान प्रदर्शन में मारे गए लोगों के परिजन से मुलाकात करने वहां जा रहे हैं।

मंदसौर के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक का तबादला
मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने मंदसौर जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक का आज तबादला कर दिया। मंदसौर के कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह का तबादला करके उन्हें उप सचिव मंत्रालय नियुक्त किया गया है। सिंह के स्थान पर ओपी श्रीवास्तव को कलेक्टर नियुक्त किया गया है। सूत्रों ने बताया कि सरकार ने मंदसौर के पुलिस अधीक्षक ओपी त्रिपाठी का भी तबादला कर दिया है और उनके स्थान पर मनोज कुमार सिंह की नियुक्ति की गई है।

रैपिड एक्सन फोर्स तैनात
मध्य प्रदेश के हिंसा प्रभावित मंदसौर जिले में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की टुकड़ियों को तैनात किया गया है। अस्थिर स्थिति के मद्देनजर केंद्र ने आरएएफ के 1,100 कर्मियों को हिंसा प्रभावित राज्य में भेजा है। जिले में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। पुलिस ने कहा कि मंदसौर के पिपलियामंडी में आरएएफ की दो कंपनियों को भेजा गया है जहां मंगलवार को गोलीबारी में पांच किसानों की मौत हो गई थी। आरएएफ की एक कंपनी में करीब 100 कर्मी शामिल हैं।

जिले के गरोथ क्षेत्र में आरएएफ की दो कंपनियों को तैनात किया गया है जबकि दो अन्य कंपनियों को मोहू-नीमच राजमार्ग पर किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तैनात किया गया है। पुलिस ने कहा है कि हालात तनावपूर्ण हैं लेकिन नियंत्रण में है। अधिकारियों ने बताया कि मंदसौर जिले के सभी उपमंडलों में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति की निगरानी करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी तैनात किया गया है।

चौहान सरकार ने कुछ कदमों का ऐलान करके तनाव को कम करने की कोशिश की है जिसमें ऐसे किसानों के लिए कर्ज समझौता योजना शामिल है जिन्होंने फसल के वास्ते लिए गए कर्ज का भुगतान नहीं किया है। सरकार के मुताबिक, योजना करीब छह लाख किसानों को कवर करेगी जिनका 6,000 करोड़ रुपये बकाया है।

डीएम से मारपीट :
इससे पहले बुधवार को मंदसौर में किसान आंदोलन और भड़क गया। मंगलवार को फायरिंग में छह किसानों की मौत से गुस्साए किसानों ने 100 से ज्यादा वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की।  किसानों को समझाने पहुंचे मंदसौर के डीएम स्वतंत्र कुमार सिंह पर किसानों ने गुस्सा उतारा। प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ मारपीट की। किसी तरह डीएम अपनी जान बचाकर वहां से भागे। बेकाबू प्रदर्शनकारियों ने भोपाल-इंदौर हाईवे पर कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की। एक थाना भी फूंक दिया। देवास-इंदौर रोड चार घंटे बंद रहा। उग्र प्रदर्शन को देखते हुए मंदसौर के साथ-साथ रतलाम, नीमच जिले में मोबाइल इंटरनेट पर रोक लगा दी। मंदसौर जिले में धारा 144 लगाई गई है। वहीं, इस पूरी घटना में 12 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

क्या है पूरा मामला

अपनी उपज के वाजिब दाम सहित 20 मांगों को लेकर मध्य प्रदेश के किसान एक जून से 10 जून तक आंदोलन पर हैं। इसी आंदोलन के छठे दिन यानि मंगलवार को मंदसौर जिले में पुलिस गोलीबारी में पांच किसानों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। इस घटना के बाद प्रशासन ने तनावग्रस्त पिपल्यामंडी थाना क्षेत्र एवं मंदसौर शहर में कर्फ्यू लगा दिया और जिले के शेष इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी।

मंदसौर में गोलीबारी में घायल छह किसानों की हालत स्थिर 
किसान आंदोलन के दौरान गोलीबारी में घायल होने के बाद इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवाईएच) लाए गए छह किसानों की हालत स्थिर बनी हुई है। अस्पताल के एक आला अधिकारी ने बताया कि मंदसौर जिले में कल किसान आंदोलन के दौरान घायल होने के बाद एमवाईएच पहुंचाए गए चार मरीजों को कूल्हे, जांघ और कोहनी में गोलियां लगी हैं, जबकि दो अन्य लोग छाती और पेट में गोलियां लगने से जख्मी हुए हैं। उन्होंने बताया कि इलाज के बाद इन मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है। उनकी स्थिति पर लगातार निगाह रखी जा रही है। अधिकारी ने बताया कि एमवाईएच में भर्ती सभी छह मरीज मंदसौर जिले के रहने वाले हैं। उनकी उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच है।

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