किसान आंदोलन: मंदसौर में कर्फ्यू में ढील,सिहोर में हंगामा, पुलिस की हवाई फायरिंग

Updated on: 14 November, 2019 06:07 PM

किसानों की हिंसा से प्रभावित मंदसौर नगर और पिपलिया मंडी में स्थिति में सुधार होने पर प्रशासन ने इन इलाकों में आज दिनभर के लिए कर्फ्यू में ढील दे दी है। वहीं सिहोर में किसानों के हंगामा करने की खबर है। किसानों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग की और आंसू गैस के गोले दागे।

भोपाल से सटे फंदा में पुलिस पर पथराव
आंदोलनकारी किसानों ने आज फंदा में प्रदर्शन का ऐलान किया था, जिसके चलते प्रशासन ने यहां सुरक्षा की खासी व्यवस्था की थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि फंदा में आंदोलनकारी किसानों ने प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों और वाहनों पर पथराव शुरु कर दिया, जिसके बाद पुलिस को स्थितियां नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग करते हुए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। प्रदर्शनकारियों ने भोपाल-इंदौर राजमार्ग को भी जाम कर दिया।

इससे पहले मंदसौर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने कहा कि अधिकारियों ने स्थिति में सुधार होने पर सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक कर्फ्यू में ढील देने का फैसला किया है। पुलिस ने कहा कि कर्फ्यू में दी गई ढील की अवधि में किसी प्रदर्शन, रैली या धरने की इजाजत नहीं होगी।

पुलिस ने बताया कि मंदसौर में शांति भंग करने, तोड़फोड़ एवं आगजनी की घटनाओं के संबंध में कुल 156 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
रायसेन के सांची में किसान ने की खुदकुशी
वहीं, रायसेन के सांची में किसान श्रीकृष्ण मीणा के कथिततौर पर खुदकुशी करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि उस पर 10 लाख का कर्ज था।

शाजापुर और धार जिले में आगजनी की घटनाएं, छिंदवाड़ा-महाकौशल क्षेत्र में भी आंदोलन   
आंदोलन का केंद्र रहा मंदसौर अपेक्षाकृत शांत है, वहीं किसानों का विरोध मध्य प्रदेश के नए इलाकों में फैल गया है।

कर्ज माफी और फसल का बेहतर मूल्य देने की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी रहने के बीच प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के शाजापुर और धार जिले से कल आगजनी की घटनाओं की सूचना मिली।

पुलिस ने शाजपुर में स्थानीय बाजार के पास पथराव कर रही भीड़ को खदेड़ने के लिये आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस घटना के बाद शाजापुर शहर में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी।

आंदोलन राज्य के छिंदवाड़ा और महाकौशल क्षेत्र में भी फैल गया है।

आरएएफ के 1100 जवान तैनात
केंद्र ने हिंसा प्रभावित राज्य में आरएएफ के 1,100 कर्मियों को भेजा है। आरएएफ की दो कंपनियों को मंदसौर के पिपलिया मंडी में तैनात किया गया है, जहां पांच किसानों की मौत हो गई थी, जबकि अन्य दो कंपनियों को गरौठ में तैनात किया गया है।

आरएएफ की एक कंपनी में करीब 100 कर्मी होते हैं।

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