सहारनपुर हिंसाः राज्यसभा में भड़कीं मायावती बोलीं- बोलने नहीं दिया गया, दूंगी इस्तीफा

Updated on: 21 November, 2019 04:56 AM

संसद के मॉनसून सत्र का आज दूसरा दिन है। आज सदन की शुरूआत होते ही लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा हो गया। मायावती ने राज्यसभा में दलितों पर अत्याचार का मामला उठाया। उन्होने सहारनपुर हिंसा का मामला उठाते हुए केंद्र की मोदी सरकार और यूपी की योगी सरकार पर जमकर हमला बोला। इस दौरान हंगामे के कारण बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने राज्यसभा से इस्तीफे की धमकी दी। इसके बाद वो सदन से वॉकआउट कर गईं। उधर लोकसभा को स्थगित कर दिया गया।

मायावती ने कहा कि पूरे देश में जहां पर भी बीजेपी की सरकार है वहां पर दलितों पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर की हिंसा साजिश की तहत की गई। मायावती इस दौरान राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन पर भड़क गईं, उन्होंने कहा कि अगर मुझे यहां पर सवाल नहीं पूछने नहीं दिया जाएगा, तो वह इस्तीफा दे देंगी। इतना कहते ही मायावती सदन से बाहर चली गईं। वहीं इसके बाद कांग्रेस ने भी मायावती के समर्थन में सदन से वॉकआउट किया।

उपसभापति और मायावती में बहस

मायावती ने राज्यसभा में उत्तर प्रदेश में दलितों पर अत्याचार का मामला उठाया। जब वे इस मुद्दे पर बोल रही थीं तब सदन में काफी शोर-शराबा हो रहा था। जिसके बाद मायावती ने अपनी बात रखने की अपील की। राज्सभा के उपसभापति ने कहा कि आपको तीन मिनट ही बोलना है। इस दौरान उपसभापति ने उनसे कहा कि आपने तय समय में अपनी बात नहीं खत्म की। आपको बाद में फिर समय दिया जाएगा। लेकिन वो बोलती रहीं। इस घटना से नाराज मायावती ने राज्यसभा से  इस्तीफे की धमकी दी।  उन्होंने आरोप लगाया कि मुझे इस मुद्दे पर बोलने नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि आज वो इस्तीफा देंगी।

लोकसभा की कार्यवाही स्थगित

संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन आज लोकसभा में विपक्षी सदस्यों द्वारा विभिन्न विषयों को लेकर किए गए हंगामे के कारण सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद दोपहर करीब सवा 11 बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी। सुबह एक बार के स्थगन के बाद 12 बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होने पर कांग्रेस, तणमूल कांग्रेस,

आज सुबह सदन की बैठक शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने छत्तीसगढ़ के सुकमा में सीआरपीएफ जवानों पर नक्सली हमले, हिमाचल प्रदेश के शिमला और उत्तराखंड में बस दुर्टनाओं, पूवार्ेत्तर राज्यों में बाढ़ की विभीषिका समेत देश में पिछले कुछ महीनों में हुई विभिन्न घटनाओं के साथ ब्रिटेन के मैनचेस्टर में हुए एक हादसे, अफगानिस्तान के काबुल स्थित डिप्लोमेटिक एन्क्लेव पर आतंकी हमले आदि विदेश की दुर्टनाओं का उल्लेख किया और सदन ने कुछ पल मौन रखकर इन आपदाओं और घटनाओं में मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि दी।

इसके बाद जैसे ही अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू कराने का निर्देश दिया तो कांग्रेस, वाम दल, तृणमूल कांग्रेस समेत कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्य अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस सदस्यों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था 'गौमाता तो बहाना है, कर्जमाफी से ध्यान हटाना है; कांग्रेस और वामदलों के सदस्यों को किसान संबंधी मुद्दे को उठाते हुए देखा गया। तृणमूल कांग्रेस के सदस्य भी कुछ कहना चाह रहे थे लेकिन भारी हंगामे के बीच उनकी बात सुनी नहीं जा सकी।

आपको बता दें कि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है।  सत्र शुरू होते ही अमरनाथ यात्रा के दौरान हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। वहीं पूर्व लोकसभा सांसद विनोद खन्ना, अनिल माधव दवे को भी श्रद्धांजलि दी गई, जिसके बाद कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया।

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