सिकन्दरा से भाजपा विधायक मथुरा पाल नहीं रहे

Updated on: 19 October, 2019 11:02 AM

कानपुर देहात की सिकन्दरा विधानसभा सीट से विधायक 72वर्षीय मथुरा प्रसाद पाल ने शनिवार सुबह पांच बजे अंतिम सांस ली। इलाज के लिए दिल्ली जाते समय मथुरा के पास सुबह उनका निधन हो गया।

तीन बार विधायक और बसपा शासनकाल में राज्यमंत्री रहे मथुरापाल अभी भी गांव से जुड़े थे। जनता दल, कांग्रेस, बसपा और सपा से राजनीतिक सफर तय करते हुए वह भाजपा में पहुंचे और तीसरी बार विधायक बने।

सैनिक से मंत्री तक
मथुरापाल ने जीवन का सफर देश सेवा से शुरू किया। वह सेना में भर्ती हुए और सैनिक रहते हुए देश सेवा की। बीआरएस लेने के बाद गांव लौटे तो राजनीति में किस्मत अजमाने को पहले निर्दलीय चुनाव लड़े फिर जनता दल में शामिल हो गए और विधायक बने। इसके बाद 1997 और 2017 में बीजेपी से विधायक चुने गए। इस बीच वह कांग्रेस, सपा और बसपा सभी दलों में रहे। बसपा से चुनाव हारने के बाद भी उनको राज्यमंत्री का दर्जा मिला था।

गांव से प्यार
मथुरापाल को अपने गांव मैदुताहरपुर से बेहद प्यार था। कानपुर के गीतानगर में अपना घर बनवाने के बाद भी अधिकतर समय गांव में व्यतीत करते थे। खुद खड़े होकर खेती करवाते थे, गांव ही नहीं आसपास पूरे क्षेत्र के लोग उनको बहुत प्यार करते थे।

लम्बे समय से बीमार
मथुरा पाल लम्बे समय से बीमार थे। विधानसभा चुनाव से पहले वह काफी बीमार थे। बीमारी की हालत में ही उन्होंने नामांकन कराया था। बीमारी से लड़ते हुए वह राजनीति कर रहे थे। अत्यधिक बीमार होते हुए भी उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में वोट डाला था। 

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