पनामा केस: सुप्रीम कोर्ट के इन 5 जजों ने सुनाई नवाज शरीफ को सजा

Updated on: 13 December, 2019 06:45 PM

पनामा पेपर लीक मामले में पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को दोषी ठहराया। इसके बाद नवाज शरीफ को पीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा है। सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने शरीफ पर ये फैसला लिया है। बता दें कि  इंटरनेशनल कन्सॉर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (आई.सी.आई.जे.) नाम के एन.जी.ओ. ने पनामा पेपर्स के नाम से यह बड़ा ख़ुलासा किया था। पनामा (उत्तरी व दक्षिणी अमरीका को भूमार्ग से जोडऩे वाला देश) की एक कानूनी फर्म ‘मोसेक फोंसेका’ के सर्वर को 2013 में हैक करने के बाद यह खुलासा किया गया था। यहां जानें सुप्रीम कोर्ट के पांच जज, जिन्होंने नवाज शरीफ को सजा सुनाई:

न्यायधीश आसिफ सईद खान खोसा
पनामा मामले में नवाज शरीफ को सजा सुनाने वाले पांच जजों में एक जज का नाम जस्टिस आसिफ सईद खान खोसा है। वे वर्ष 2010 में सुप्रीम कोर्ट के लिए चुने गए थे। बता दें कि खोसा ही पांच जजों वाली बेंच की अध्यक्षता कर रहे थे। उनके पास तकरीबन पचास हजार केसों की सुनवाई का अनुभव है।

न्यायधीश इजाज उल अहसान
जस्टिस इजाज उल अहसान ने पंजाब विश्वविद्यालय से लॉ की पढ़ाई की है। इसके बा वे न्यूयॉर्क में कोर्नेल विश्वविद्यालय गए और वहां से पीजी किया। 2015 में उन्हें लाहौर हाईकोर्ट का मुख्य न्यायधीश नियुक्त किया गया था। पिछले साल वे सुप्रीम कोर्ट के जज बनाए गए।

न्यायधीश शेख अहजम सईद
सईद ने कई मामलों में स्पेशल प्रॉसिक्युटर की भूमिका निभाई। वे 2012 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश बने थे। इससे पहले उन्हें 2004 में लाहौर हाईकोर्ट का जज बनया गया था।

न्यायधीश गुलजार अहमद
जस्टिस गुलजार अहमद साल 2011 में सुप्रीम कोर्ट के जज बनाए गए थे। उन्हांने अपने करियर की शुरूआत बतौर वकील की थी। उनके पास हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों में वकालत करने का अनुभव है। वे वर्ष 2002 में हाईकोर्ट के जज नियुक्त किए गए थे।

जस्टिस एजाज खान
जस्टिस एजाज खान नौ साल हाईकोर्ट में जज रहे। इसके बाद वे मुख्य न्यायधीश भी पेशावर हाईकोर्ट में बने। बाद में 2011 में खान को सुप्रीम कोर्ट का जस्टिस नियुक्त किया गया।
 

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