डोकलाम पर चीन की फिर भभकी, भारत से कहा संयम की एक सीमा होती है

Updated on: 19 November, 2019 11:53 AM

बीजिंग, एजेंसी: भारत और चीन के बीच चल रहे विवाद पर एक बार फिर चीन ने चेतावनी भरी बात कही है। चीन का कहना है कि उसने सिक्किम में भारत के साथ चल रहे सैन्य गतिरोध पर सद्भावना दिखाई है। लेकिन ध्यान रहे कि उसकी भी एक निश्चित संयम सीमा है। इससे पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि द्विपक्षीय संबंधों को अच्छी तरह चलने के लिए भारत- चीन सीमा पर शांति बनाए रखना जरूरी है।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पिछले महीने डोकलाम में एक महीने से ज्यादा चले गतिरोध पर भारत का पक्ष स्पष्ट किया था। उन्होंने कहा था कि इस मसले पर किसी भी तरह की बातचीत के लिए दोनों देशों को अपनी सेनाओं को वापस बुलाना चाहिए। सीमा पर चल रहा गतिरोध 16 जून को शुरू हुआ था। दरअसल चीनी सेना ने भूटान, चीन और भारत सीमा के पास एक सड़क बनानी शुरू कर दी थी, जिस पर भारत ने कहा कि यह इलाके में सड़क बनाना चीन का एक तरफा फैसला है।
इस पर भारत ने चिंता जतायी है। क्यों कि इस सीमा पर सड़क बनने से भारत की पूर्वोत्तर राज्यों तक पहुंच खत्म हो जायेगी। हालांकि चीन का मकसद यही है कि वो पूर्वोत्तरी राज्यों से भारत की पहुंच को खत्म किया जाये। वहीं चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेन गुआकियांग ने कहा है कि भारत सीमा क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सही तरीके का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
 
चीनी मीडिया के मुताबिक रेन ने कहा, जब से यह घटना हुई है, चीन ने काफी सद्भावना दिखाई है और इस घटना को सुलझाने के लिए कूटनीतिक माध्यमों से भारत के साथ बातचीत भी की है. चीन की सेना ने भी द्विपक्षीय संबंधों और शांति को ध्यान में रखते हुए काफी संयम बरता है। लेकिन सद्भावना के अपने सिद्धांत होते हैं और संयम की अपनी सीमा होती है। चीनी प्रवक्ता ने यह भी कहा है कि भारत अपने भ्रम को छोड़ दे, क्योंकि किसी भी देश को चीन की सेनाओं के विश्वास और शांति की रक्षा करने की क्षमता और विकासात्मक हितों की रक्षा की इच्छा को कम नहीं आंकना चाहिए।

View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया