रागिनी हत्याकांड: परिवार को धमका रहा आरोपी का दारोगा जीजा

Updated on: 25 August, 2019 08:44 AM

12वीं की छात्रा रागिनी की गला रेतकर हत्या करने के बाद भी अपराधियों का आतंक कम नहीं हुआ है। घटना के तुरंत बाद आरोपियों ने घर जाकर धमकी दी थी तो अब उसके रिश्तेदार भी धमकाने लगे हैं। आरोपित ग्राम प्रधान के दरोगा दामाद (मुख्य आरोपित प्रिंस व सोनू का जीजा) ने तो फोन कर घर वालों को जबान बंद रखने की चेतावनी तक दे डाली है। कहा कि परिवार वालों को फंसाया तो इसका परिणाम बहुत बुरा होगा। रागिनी के पिता ने गुरुवार को जनप्रतिनिधियों के अलावा पुलिस को भी इसकी सूचना दी।

रागिनी के पिता जितेन्द्र दूबे के अनुसार घटना के दिन ही रात में आजमगढ़ में दरोगा के पद पर तैनात ग्राम प्रधान के दामाद ने फोन किया। धमकी दी कि हमारे परिवार को हत्याकांड में फंसाया तो ठीक नहीं होगा। आरोपितों के परिवार के कई अन्य सदस्य भी पुलिस विभाग में हैं। इस फोन के बाद से रागिनी का परिवार सहमा हुआ है। गुरुवार को रागिनी के घर पहुंचे बैरिया विधायक सुरेन्द्र सिंह को पिता ने फोन पर धमकी की जानकारी दी। विधायक ने मौके से ही बांसडीह रोड थानाध्यक्ष से बात की और इस मामले में भी अलग से मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई का निर्देश दिया। थोड़ी ही देर में रागिनी के घर पहुंचे एसओ ने धमकी वाला मोबाइल नम्बर लिया और कार्रवाई का भरोसा दिया।

यही नहीं, दरिंदे के दरोगा जीजा ने रागिनी के परिवार को तो धमकाया ही, मीडिया को भी मैनेज करने के प्रयास में जुट गया। गुरुवार को दिन में ही एक मीडियाकर्मी के मोबाइल पर फोन कर कहा कि हमारे साले का मामला है। इसे थोड़ा 'मैनेज' कीजिए। यह दरोगा इस समय आजमगढ़ में तैनात है। पुलिस इस बावत पड़ताल कर रही है।

पहले भी छात्राओं से छेड़खानी कर चुके हैं आरोपित
ग्राम प्रधान व उसके परिवार के लड़कों का आतंक पहले से ही गांव में रहा है। राजनीति व पुलिस विभाग में दखल के धौंस पर ये सब मनमानी करते रहे और इसी बूते पर कार्रवाई से बचते भी रहे। कुछ मामलों में लोगों ने पुलिस से शिकायत भी की तो मामले को रफा-दफा कर दिया गया।

गुरुवार को रागिनी के दरवाजे पर गांव के लोग भी जुटे थे। उन्होंने बताया कि प्रधान का बेटा प्रिंस व भतीजा सोनू पहले भी लड़कियों से छेड़छाड़ करते रहे हैं। बताया कि एक बार पड़ोस के गांव की एक छात्रा का इन लोगों ने दुपट्टा खींच दिया था। तब उक्त गांव के लोग प्रधान के दरवाजे पर भी आकर बवाल काटने लगे थे। प्रधान ने किसी प्रकार माफी मांगते हुए मामले को शांत कराया था।

यहीं नहीं, ग्रामीणों के अनुसार गांव की एक अन्य लड़की को तो प्रधान के बेटे व भतीजे ने इस कदर तंग कर दिया था कि उसकी शादी तक नहीं होने देते थे। आरोप लगाया कि उसके घर में घुसकर भी छेड़खानी की थी। पुलिस ने इनको हिरासत में भी लिया था लेकिन धनबल के बूते वे तुरंत ही छोड़ दिये गये।

हमेशा सत्ता के करीब रहा हत्यारे का परिवार
गांव की प्रधानी व सत्ता की नजदीकी के दम पर पुलिस तक पहुंच के दम पर ग्राम प्रधान व उसके परिवार के लड़कों ने गांव में आतंक कायम कर रखा था। ग्रामीणों के अनुसार जब कभी भी इन सबों के खिलाफ शिकायत की गयी, हर बार पैसे के दम पर कार्रवाई से बचते रहे। ग्राम प्रधान ने भी हमेशा सत्ता के साथ अपनी नजदीकी बनाये रखी और सरकार के साथ ही निष्ठा भी बदलता रहा।

ग्रामीणों की मानें तो प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने से पहले ग्राम प्रधान पूर्ववर्ती सपा सरकार के साथ था। विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता बदली तो प्रधान ने भी अपनी निष्ठा बदल दी और भाजपा का समर्थक हो गया। फेसबुक पर प्रधान कृपाशंकर तिवारी व उसके बेटे प्रिंस की जो तस्वीरें साझा हुई हैं, वह फिलहाल यहीं बयां कर रही हैं। दरिंदे प्रिंस ने फेसबुक पर सत्ताधारी दल व उससे जुड़े संगठनों के नेताओं के साथ फोटो साझा भी की है। गांव का प्रधान होने के नाते पुलिस से मिलना-जुलना भी था, लिहाजा इनकी हरकतें लगातार बढ़ती चली गयीं।

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