सवालः योगी बोले, सड़कों पर नमाज नहीं रोक सकते तो थानों में जनमाष्टमी पर रोक क्यों

Updated on: 19 November, 2019 04:25 AM

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि देश में सांस्कृतिक एकता को जोड़ने वालों को सांप्रदायिक कहा जाता है। यदि हम यह कह दें कि गर्व से कहो हम हिंदू हैं तो लोग कहेंगे देखिए सांप्रदायिक हैं। आप आराम से क्रिसमस मनाइए, नमाज पढ़िए। कोई नहीं रोक रहा है, लेकिन कानून के दायरे में रहकर...। कानून का उल्लंघन होने पर ही टकराव उत्पन्न होता है। मुख्यमंत्री ने यह बातें बुधवार को लखनऊ जनसंचार एवं पत्रकारिता संस्थान तथा प्रेरणा जन संचार शोध संस्थान द्वारा कन्वेंशन सेंटर में हुए कार्यक्रम में कहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच दशक पूर्व पं. दीन दयाल उपाध्याय ने अंत्योदय की बात कही थी। जनधन योजना के तहत समाज के अंतिम व्यक्ति को बैंक से जोड़ा गया। अब इसी खाते में सरकारी योजनाओं की धनराशि जा रही है। पीएम आवास योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में 10 लाख और शहरी क्षेत्रों में दो लाख गरीबों के लिए आवास बनेंगे। यह धनराशि सीधे गरीबों के खाते में जाएगी।
उन्होंने कहा कि पं दीन दयाल उपाध्याय और डॉ. राम मनोहर लोहिया दोनों मानते थे कि श्रीराम व श्रीकृष्ण ने देश को एक रूप दिया है।

गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच इस बार चार करोड़ कांवरियों ने यात्रा की। कांवर यात्रा पर बैठक के दौरान अधिकारियों ने कहा कि कोई डीजे या माइक नहीं बजेगा। तब हमने पूछा क्या यह शवयात्रा है? उनसे कहा कि माइक हर जगह प्रतिबंधित करो। कांवर यात्रा में डीजे और बाजा से प्रतिबंध हटाया गया। कांवरियों पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा कराई गई। योगी ने कहा कि ईद पर सड़क पर नमाज नहीं रोक सकते हैं तो जन्माष्टमी पर थानों में आयोजन पर रोक क्यों?

पिछली सरकार ने ही थानों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व से रोका था। इस मौके पर केशव संवाद पत्रिका के विशेष अंक के लोकार्पण भी किया। इस दौरान अशोक कुमार सिन्हा तथा पत्रकार सुभाष सिंह का अभिनंदन किया गया। राजर्ष टंडन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एमपी दूबे, विश्व संवाद केंद्र लखनऊ के अध्यक्ष पत्रकार नरेंद्र सिंह भदौरिया, जनसंचार एवं पत्रकारिता संस्थान के अध्यक्ष रामनिवास जैन, अद्वैत काला, कृपाशंकर जी, जगदीश उपासने, आनंद त्यागी ने भी विवार व्यक्त किया।

कृष्ण के विचार ही भारत के विचार हैं-दत्तात्रेय होसबले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर सहकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने कहा कि आजकल मॉल संस्कृति है। हाल ही में केशव (श्रीकृष्ण) का जन्मोत्सव देश व दुनिया ने मनाया है। केशव ने कहा था कि संघे शक्ति कलियुगे। केशव के विचार ही भारत वर्ष के विचार हैं। वैश्विक लक्ष्य के लिए राष्ट्र को संगठित कर आगे बढ़ना होगा। सनातन धर्म देश की राष्ट्रीयता है। लोकहित की बातें लेकर ही नारद ऋषि तीनों लोकों में पहुंचते थे। यही संवाद है। संवाद दूसरों को जीतने का प्रभावी माध्यम है। राम ने लंका पर आक्रमण से पहले रास्ते भर तमाम लोगों से संवाद स्थापित किया था। पत्रकारिता पहले मिशन था, अब विशिष्ट मोड़ पर आ गया है। पत्रकारिता में भी सहभागिता को बढ़ाना होगा।

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