बाढ़ का खतरा:घाघरा-सरयू का जलस्तर बढ़ा,UP के 350 गांवों में पानी घुसा

Updated on: 21 August, 2019 03:55 PM

बिहार, असम, बंगाल के साथ-साथ यूपी में भी बाढ़ का कहर जारी है। लगातार हो रही तेज बारिश से यूपी के कई जिले प्रभावित हैं। घाघरा और सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से गोंडा में बाढ़ के हालात भयावह हो गये हैं। गोरखपुर में भी कई नदियां खतरे के निशाने पर है। करनैलगंज और तरबगंज तहसीलों के 350 गांव और सात सौ से अधिक मजरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। एनडीआरएफ की टीमों ने अपना मोर्चा संभाल लिया है। इसके साथ ही अब प्रभावित इलाकों के बाजारों तक में पानी पहुंचने लगा है। बाढ़ के प्रकोप के कारण चार ब्लाकों के 1500 प्राथमिक विद्यालयों को बंद कर दिया गया है।

बाढ़ अलर्ट

गोरखपुर-बस्ती मण्डल के सातों जिले इस वक्त बाढ़ की चपेट में हैं। राप्ती, घाघरा, रोहिन, नारायणी, गोर्रा, गण्डक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राप्ती और रोहिन से गोरखपुर शहर की रक्षा करने वाले हार्बर्ट बाँध के दो रेगुलेटरों से कल रिसाव शुरू हो गया था जिसे अभी तक पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सका है। प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें इसे ठीक करने में जुटी हैं।

रिसाव की वजह से कल से ही जफर कालोनी, हांसूपुर, ट्रांसपोर्टनगर क्षेत्र में पानी जमा हुआ है। करीब दो सौ परिवारों ने घर छोड़ दिया। जो बच गये उन्होंने सारी रात दहशत में जागकर काटी। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूल बंद कर दिए हैं। इसके साथ ही एनडीआरएफ, एसएसबी और सेना के जवान राहत पहुंचाने में जुटे हैं। दोनों मण्डलों में बाढ़ की वजह से अब तक 9 मोतें बताई जा रही हैं।

वहीं, प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ ने मोर्चा संभाल लिया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों लोगों को बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ और फ्लड पीएसी जुटी हुई है। डीएम ने बताया प्रभावित गावों की संख्या बढ़ रही है। इसलिए सेना की मदद पर भी विचार किया जा रहा है। फैजाबाद से आठ बड़ी नावें मंगाई है। वही गुरूवार को घाघरा खतरे निशान 106.076 मीटर से अब सुबह 107.376 मीटर ऊपर बह रही है। घाघरा का जलस्तर 130 सेंटीमीटर ऊपर है। सुबह विभिन्न बैराजों से तीन लाख 91 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। करनैलगंज तहसील के प्रभावित गांवों की संख्या में इजाफा हुआ है। बुधवार तक 48 गांव प्रभावित थे, गुरूवर को 55 हो गये हैं।

नेपाल के विभिन्न बैराजों से बुधवार दोपहर बाद छोड़ा गया पांच लाख क्यूसेक पानी जिले में तबाही लेकर चल पड़ा है। बैराजों से छोड़े गए इस पानी के सुबह तक करनैलगंज बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचने की उम्मीद है। इसे लेकर जिला प्रशासन के हाथ पांव फूल गये हैं। पहले प्रभावित गांवों और चपेट में आने वाले गांवों से लोगों को निकालने के लिए पसीना बहाया जा रहा है।
लगातार उफनाती घाघरा के सख्त तेवरों के कल रौद्र रूप धारण करने की पूरी स्थिति बन गई है। गोंडा लखनऊ मार्ग पर घाघरा पुल तक को छूने को बेताब घाघरा के गुरुवार को तबाही का इतिहास लिखने के पूरे हालात बने हुए हैं। बुधवार को छोड़े गए तीन लाख क्यूसेक पानी के बाद यहां प्रभावित गांवों की संख्या 44 से बढ़कर 48 हो गई है। पांच सौ से अधिक मजरों को बाढ़ ने निगल लिया है। सड़को तक पानी पहुंच चुका है और गुरूवार को तो कई और इलाकों के जलमग्न होने की पूरी आशंका है।

परसपुर भौरीगंज रोड, पाल्हापुर रोड तक पानी आ गया है। बाढ़ राहत केन्द्र पाल्हापुर को और आगे शिफ्ट करने की तैयारी हो रही है। फैजाबाद से आठ बड़ी नावें मंगा ली गई है। वही तरबगंज तहसील के पचास से अधिक गाँव और 258 मजरे सरयू नदी की बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। डीएम जेबी सिंह ने बुधवार रात बताया कि नेपाल के बैराजों से पानी न छोड़ा जाये इसके लिए शासन से मदद का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि यथा संभव प्रभावितों की मदद और बचाव का काम किया जा रहा है।

View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया