भारत अमेरिका संबंध: कच्चे तेल से और मजबूत होंगे दोनों देशों के रिश्ते!

Updated on: 10 December, 2019 10:51 AM

अमेरिका में भारत के राजदूत नवतेज सरना ने अमेरिका से भारत को होने वाले कच्चे तेल के सबसे पहले निर्यात के पेपर टेक्सास के गर्वनर ग्रेग एबॉट को सौंपे। अमेरिका से भारत को होने वाला कच्चे तेल का यह निर्यात, दोनों देशों के बीच रिश्तों को नई ऊचाईयां देगा। आपको बता दें कि अमेरिका कच्चा तेल निर्यात करने वाला दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में यह कच्चा तेल भारत पहुंचेगा।

छह मिलियन बैरल से ज्यादा तेल की मांग
सबसे दिलचस्प बात है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के 71वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी, उसके तीन दिन पहले ही कच्चा तेल भारत रवाना हो चुका था। अमेरिका ने आठ अगस्त से 14 तक कच्चा तेल भारत के लिए भेजने की शुरुआत हो चुकी थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से इस बात का जिक्र किया जा चुका था कि अमेरिका, भारत को ज्यादा से ज्यादा ऊर्जा उत्पादन करने की ओर देख रहा है। यह बात उन्होंने तब कही थी जब जून में उनकी और पीएम मोदी की पहली मुलाकात हुई थी।

100 मिलियन डॉलर वाला तेल दो किश्तों में आएगा भारत
अमेरिका से छह मिलियन बैरल से भी ज्यादा कच्चा तेल का ऑर्डर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से किया गया था। अमेरिका से पहली दो किश्तों में 100 मिलियन डॉलर की कीमत से दो मिलियन बैरल तेल भारत आ रहा है। इस नए घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के बीच तेल का व्यापार करीब दो बिलियन डॉलर से भी ज्यादा का हो जाएगा। भारत के राजदूत नवतेज सरना ने इस पर ट्वीट किया और लिखा, 'नई ऊंचाई, अमेरिका से भारत को तेल का निर्यात शुरू हो गया है।'
 

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