हिंसा के बाद पंचकूला के सड़कों पर पसरा सन्नाटा

Updated on: 21 November, 2019 05:42 PM

शुक्रवार को पंचकूला में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने 15 साल पुराने बलात्कार के एक मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिया। जिसके बाद हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, यूपी और आसपास के राज्यों में व्यापक हिंसा हुई जिससे हरियाणा छोड़कर कई राज्यों में 144 धारा लागू कर दी गई। हिंसा से बचने के लिए कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगाये जाने के बाद कई जगह सड़कों पर सन्नाटा पसर गया है। इसके अलावा राज्यों में जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है।

हिंसा से डेरा समर्थकों को भी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक खाने-पीने को भी कुछ नहीं मिल रहा है। सिरसा में एहतियाती उपाय के तहत विद्यालयों, कॉलेजों, सिनेमा हॉल, पेट्रोल पंपों को भी बंद कर दिया गया है। वहीं उत्तर पश्चिम रेलवे ने हरियाणा में कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुये कई रेल सेवाओं का संचालन आज रद्द कर दिया है

बवाल का खौफ अब भी पंचकूला में

दो दिन से डरे-सहमे पंचकुला ने दोपहर 12 बजे बाद पटरी पर लौटने का प्रयास किया। सुनसान पड़ी सड़कों पर धीरे-धीरे गाड़ियां रेंगने लगीं। हालांकि संख्या बहुत कम थी। बवाल का खौफ अब भी लोगों के दिलो-दिमाग में है। अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सेक्टर-4 में एक कार्यक्रम होना था। पंडाल खाली पड़ा था। लोग पहुंचे ही नहीं। जबकि सेक्टर-16 में शनिवार को होने वाली शादी स्थगित करनी पड़ी।

पंचकूला के विभिन्न सेक्टरों में रहने वाले लोग गुरुवार शाम से ही घरों में कैद हो गए थे। असल में तभी से डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों की भीड़ वहां बढ़ने लगी थी। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की थी कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें। इसके बाद से सड़कों पर सन्नाटा पसर गया था। महिलाएं और बच्चे तो बुरी तरह डरे हुए थे। शनिवार को हालात में कुछ सुधार हुआ तो दोपहर से लोगों ने घरों से निकलना शुरू किया। हालांकि लोग जरूरी काम से ही बाहर निकले।

उधर, मेहमानों के न आने के कारण सेक्टर-4 के मकान नंबर 1065 में होने वाले कार्यक्रम का पंडाल खाली पड़ा दिखाई दिया। वहीं सेक्टर 16 निवासी सुशील गुप्ता के घर में शनिवार को शादी थी। इसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। सेक्टर-15 में नर्सिंग होम चलाने वाले डा. पंकज गुप्ता का कहना है कि उनके यहां आठ मरीज भर्ती थे। सभी को गुरुवार की शाम बवाल की आशंका के चलते डिस्चार्ज कर दिया था। तब से कोई मरीज भर्ती नहीं किया है।

सेना की निगरानी में शहर

अब सबकी निगाहें 28 अगस्त पर लगी हैं। इसी दिन हाईकोर्ट द्वारा डेरा प्रमुख राम रहीम को सजा सुनाई जानी है। इसे लेकर भारी सतर्कता बरती जा रही है। हाईकोर्ट के निर्देश पर पूरा शहर फिलहाल सेना की निगरानी में है।

प्रशासनिक चूक से जला पंचकूला

पंचकूला में हुए बवाल में स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमले की भारी चूक सामने आई है। समय रहते सही निर्णय न ले पाने के कारण शहर जल उठा। इस मामले में हरियाणा के गृह विभाग ने डीसीपी अशोक कुमार को निलंबित कर दिया। अभी कुछ और अफसरों पर गाज गिरने की संभावना है। हालात संभालने के लिए कमिश्नर को अंबाला छोड़ पंचकूला में ही कैंप करना पड़ा।

पंचकूला में डीसी तैनात हैं। स्थिति संभालने के लिए हरियाणा सरकार के एडीसी रैंक के दस अधिकारी भी इन्हें दिए गए थे। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था। जरूरत थी तो बस हालात को समझने और सही निर्णय लेने की लेकिन डीसी गौरी जोशी और डीसीपी के स्तर पर ऐसा नहीं हो सका। नतीजा यह हुआ कि पंचकुला में भीड़ बढ़ती गई। बेकाबू भीड़ ने जमकर बवाल किया। 32 लोगों की जान चली गई जबकि करोड़ों रुपए की सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ। वहीं पुलिस डीसीपी के आदेश का इंतजार ही करती रही।

हालात बेकाबू होने पर कमिश्नर को पंचकुला में पर्यटन विभाग के गेस्ट हाउस में ही डेरा डालना पड़ा। तब बमुश्किल हालात पर काबू पाया जा सका। स्थानीय प्रशासन का कहना था कि हमें शासन से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिल रहे थे इस कारण पशोपेश में थे।

हाईकोर्ट में बोला झूठ
असल में डीसीपी ने धारा 144 का नोटीफिकेशन ही नहीं किया था। इसके चलते अजीब स्थिति पैदा हो गई है। जो लोग पकड़े भी जा रहे हैं, उन पर बिना नोटीफिकेशन कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जबकि पुलिस के अफसरों ने हाईकोर्ट के सामने झूठ बोला था कि हमारे यहां धारा-144 लागू है। लापरवाही के चलते गृह विभाग ने डीसीपी अशोक कुमार को निलंबित कर दिया है।

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