गया रोडरेज केस: रॉकी यादव समेत तीन को उम्रकैद की सजा, पिता बिंदी यादव को पांच साल की सजा

Updated on: 21 November, 2019 04:54 AM

गया के चर्चित रोडरेज मामले में गया की अदालत ने रॉकी यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एडीजे वन सच्चिदानंद सिंह की अदालत ने हत्या के आरोपी टेनी और एमएलसी मनोरमा देवी के बॉडीगार्ड राजेश को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वही रॉकी के पिता बिंदी यादव को 5 साल की सजा मिली है।

अदालत ने इस मामले में प्रसिद्ध व्यवसायी श्याम सुंदर सचदेव के बेटे आदित्य सचदेव की हत्या मामले में दोषी राकेश रंजन यादव उर्फ रॉकी यादव, उसके चचेरा भाई राजीव कुमार उर्फ टेनी यादव और उसकी मां मनोरमा देवी का सरकारी बॉडीगार्ड राजेश कुमार को 31 अगस्त को दोषी करार दिया था।

अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश सच्चिदानंद प्रसाद सिंह की अदालत ने मुख्य अभियुक्त रॉकी यादव को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत दोषी ठहराया था। वहीं चचेरे भाई टेनी यादव और बॉडीगार्ड को भी आईपीसी की धारा 302 के तहत दोषी करार दिया था। अदालत ने रॉकी के पिता बिंदी यादव धारा 212 के तहत यानी आरोपी को शरण देने का दोषी ठहराया था।

अदालत आर्म्स एक्ट, मारपीट, नुकसान पहुंचाने के मामले में भी तीन दोषियों को सजा पर फैसला सुनाएगी। जबकि सरकारी बॉडीगार्ड को सरकारी सेवक होने के बावजूद कानून के खिलाफ काम करने के आरोप में सरकारी सजा सुनाएगी। इधर, अभियुक्तों को शरण देकर भगाने एवं पुलिस को गलत जानकारी देने के मामले में दोषी उसके पिता बिंदेश्वरी प्रसाद यादव उर्फ बिंदी यादव को एडीजे-वन की अदालत से कम से कम तीन साल की सजा हो सकती है।

क्या था मामला

7 मई 2016 आदित्य अपने दोस्तों के साथ बोधगया से गया अपनी ही कार से लौट रहा था। सफर में रॉकी यादव से साइड देने को लेकर झगड़ा हुआ और रॉकी ने उसे गोली मार दी। इस मामले ने बिहार की राजनीति को गर्मा दिया था। आदित्य को अस्पताल ले जाते जाते ही उसकी रास्ते में ही मौत हो गई थी।

इस मामले में रॉकी यादव के साथ रहे टेनी यादव और एमएलसी के अंगरक्षक राजेश कुमार को भी जेल भेजा गया था। रॉकी जेल में है।  इस मामले में 9 मई 2016 को रामपुर थाना में कांड संख्या 130/16 दर्ज है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि 11 सितंबर से पहले इस केस का फैसला हो जाना चाहिए।

View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया