1993 मुंबई ब्लास्ट केस में अबु सलेम समेत सभी दोषी कोर्ट पहुंचे कोर्ट, कुछ देर में होगा सजा का ऐलान

Updated on: 16 November, 2019 08:21 AM

मुंबई की विशेष टाडा अदालत ने 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में 24 साल बाद मुख्य मास्टरमाइंड मुस्तफा दोसा और प्रत्यपर्ति कर भारत लाए गए गैंगस्टर अबू सलेम समेत छह लोगों को आज सजा सुनाएगी। इसके लिए सलेम समेत सभी दोषियों को कोर्ट ले जाया गया है।  बता दें कि म्ंबई धमाकों में 257 लोग मारे गए थे। जून महीने में मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में विशेष टाडा अदालत ने डोसा और सलेम समेत छह को दोषी करार दिया था।

डोसा को टाडा अधिनियम, हथियार कानून और विस्फोटक कानून के तहत अपराधों के अलावा आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत साजिश और हत्या के आरोपों पर दोषी ठहराया गया जबकि सलेम को धमाकों के लिए हथियारों को गुजरात से मुंबई लाने का दोषी पाया गया।

24 साल बाद दोषी करार

टाडा अदालत ने इस मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम, मुस्ताफ डोसा, फिरोज अब्दुल रशीद खान, करीमुल्ला,  रियाज सिददीकी और ताहिर मरचेंट दोषी करार दिया है। सलेम को अदालत फांसी की सजा नहीं दे सकती है क्योंकि प्रत्यर्पण संधि के तहत उसे 25 साल से ज्यादा की सजा नहीं दी जा सकती है। इस विस्फोट मामले में 257 लोगों की मौत हुई थी जबकि 713 गंभीर रूप से घायल हुए थे और इससे 27 करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई थी। इस मामले एक आरोपी अब्दुल कैयुम को बरी कर दिया गया है।

याकूब को मिल चुकी है फांसी की सजा

साल 2007 में पूरे हुए सुनवाई के पहले चरण में टाडा अदालत ने इस मामले में याकूब मेमन सहित सौ आरोपियों को दोषी ठहराया था जबकि 23 लोग बरी हुए थे। इस मामले के मुख्य आरोपी याकूब मेमन को 30 जुलाई 2015 को फांसी की सजा दी जा चुकी है।

अबू सलेम पर ये है आरोप

सलेम पर गुजरात से मुंबई हथियार ले जाने का आरोप है। सलेम ने अवैध रूप से हथियार रखने के आरोपी अभिनेता संजय दत्त को एके 56 राइफलें, 250 कारतूस और कुछ हथगोले 16 जनवरी 1993 को उनके आवास पर उन्हें सौंपे थे। दो दिन बाद 18 जनवरी 1993 को सलेम और दो अन्य दत्त के गए और वहां से दो राइफलें तथा कुछ गोलियां लेकर वापस आए थे।

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