BHU हिंसा:VC ने कहा-मुझे MHRD ने नहीं बुलाया,प्रॉक्टर का इस्तीफा मंजूर

Updated on: 20 October, 2019 05:48 PM

बीएचयू के कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने इस बात से इंकार किया कि उन्हें एमएचआरडी मंत्रालय ने तलब किया था। उन्होंने कहा है कि मंगलवार को वह दिल्ली में बीएचयू कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने गए थे और सीधे बनारस लौट आए। लेकिन कुछ लोगों ने अफवाह फैला दी कि एमएचआरडी मंत्रालय ने उन्हें तलब किया था।

इधर, कैंपस में भड़की हिंसा की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए चीफ प्रॉक्टर प्रो. ओएन सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि मंगलवार की देर रात कुलपति प्रो. गिरीशचंद्र त्रिपाठी ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
कुलपति ने कहा कि एमएचआरडी मंत्रालय से रोजाना किसी ने किसी मुद्दे पर बात होती है। आज भी मैंने एमएचआरडी मंत्री प्रकाश जावडे़कर से फोन पर बात की और बीएचयू में हुई घटना की पूरी जानकारी दी। यह भी बताया कि न्यायिक आयोग पूरे प्रकरण की जांच करेगा।
प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि मंत्री ने उन्हें घटना के बाद उपजे हालातों से निबटने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं जिस पर अमल किया जा रहा है। कुलपति ने कहा कि जो न्यायिक कमेटी गठित की है उसके जांच में सारे तथ्य सामने आ जाएंगे। 

बीएचयू में तैनात की जाएंगी महिला सुरक्षाकर्मी
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बीएचयू प्रशासन अब संजीदा हुआ है। कैंपस में महिला सुरक्षाकर्मी तैनात की जाएंगी। इसके लिए सुरक्षा एजेंसी को निर्देश दिया गया है कि जो महिला सुरक्षा कर्मी नियुक्त हों, उन्हें ट्रेनिंग दी जाए। उनको निर्देशित किया जाए कि छात्राओं के साथ वे शालीनता से पेश आएंगी। बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो. ओएन सिंह ने बताया कि अभी 20 महिला सुरक्षाकर्मी रखने के लिए एजेंसी को कहा गया है।
इनको त्रिवेणी संकुल, महिला महाविद्यालय, अस्पताल, विश्वनाथ मंदिर जैसी जगहों पर तैनात किया जाएगा। इनकी ड्यूटी रात आठ बजे तक रहेगी। भूतपूर्व सैनिक कल्याण निगम के गोविंद सिंह ने बताया कि प्रॉक्टर ऑफिस से आदेश हुआ है महिला सुरक्षाकर्मी के लिए जिसमें मुख्य रूप से शहीद की पत्नी और बेटी को प्राथमिकता दी जाएगी।

बीएचयू कार्यकारिणी की बैठक में खुले सभी लिफाफे
नई दिल्ली में मंगलवार को बीएचयू एक्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बीएचयू के कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में निर्णय हुआ कि इंडियन इंस्टीट्यूट आफ कार्पेट टेक्नोलाजी को बीएचयू में समाहित किया जाए। इसके अलावा मिर्जापुर में महामना मालवीय जी के ससुराल पक्ष का एक मकान बीएचयू को दान में मिला है। उसका अनुमोदन हुआ।

बीएचयू में हाल ही में हुए शिक्षण व गैर शिक्षण कर्मचारियों के साक्षात्कार संबंधी सभी लिफाफे भी खोल दिए गए हैं। यह जानाकरी बीएचयू के पीआरओ डा. राजेश सिंह ने दी। बीएचयू अस्पताल में स्थाई चिकित्सा अधीक्षक के रूप में डा. ओपी उपाध्याय को नियुक्त किये जाने की चर्चा थी। इस बाबत डा. ओपी उपाध्याय ने कोई जवाब नहीं दिया।

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