लापरवाही: शताब्दी एक्सप्रेस में पूर्व रेलमंत्री को दिया खराब नीबू-पानी, जांच में जुटी इर्कटक

Updated on: 25 August, 2019 01:14 PM

शताब्दी एक्सप्रेस के सफर कर रहे पूर्व रेलमंत्री को खराब नीबू-पानी (ड्रिंक)परोस दिया गया। मंत्रालय में शिकायत के बाद रेल अफसरों में हड़कंप मच गया। आईआरसीटीसी मामले की जांच में जुट गई है।

उत्तरांचल शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे पूर्व रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी को मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर खराब नीबू-पानी दिया गया। वह ट्रेन के सी-वन कोच में सवार थे। पूर्व रेलमंत्री त्रिवेदी ने ड्रिंक की गुणवत्ता को लेकर कोच में वेंडर से शिकायत दर्ज कराई। ट्रेन शनिवार की शाम सवा छह बजे मुरादाबाद जंक्शन के तीन नंबर प्लेटफार्म से रवाना हुई थी। पूर्व मंत्री ने पेंट्रीकार प्रबंधक को बताया कि ड्रिंक का हाइजीन लेवल ठीक नहीं है। गंदा पानी है। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने रेल मंत्रालय में इसकी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद रेल अफसरों के साथ ट्रेनों में खानपान के प्रबंध की जिम्मेदार एजेंसी में हड़कंप मच गया।
कैग ने भी उठाया था सवाल

चलती ट्रेनों के भोजन और खाने पीने के सामान की गुणवत्ता को लेकर कैग ने रेल प्रशासन को फटकार लगाई थी। बीते दिनों इस बात पर मंत्रालय में हड़कंप मच गया। रेलवे ने कई कैटरिंग पालिसी का हवाला देकर खानपान प्रबंध पर सवाल उठाने वालों का दिलासा दिया था। मगर उसके बाद भी यात्रियों की शिकायत में कोई कमी नहीं आ रही है।

आईआरसीटीसी के ज्वाइंट जनरल मैनेजर सिद्धार्थ सिंह ने कहा कि पूर्व रेल मंत्री की शिकायत को देखते हुए कैंटीन में बिकने वाले ब्रांड की जांच कराई जा रही है। ब्रांड का सैंपल लिया गया है। इस बीच जिस ब्रांड के नीबू पानी को लेकर शिकायत हुई है, उसे प्रतिबंधित कर दिया गया है। ड्रिंक की लैबोरेटरी से जांच कराई जा रही है।

वहीं एडीआरएम संजीव मिश्र ने कहा कि शताब्दी एक्सप्रेस में खानपान की जिम्मेदारी आईआरसीटीसी की है। पूर्व रेल मंत्री द्वारा किस तरह की शिकायत की गई है इसकी विभाग को कोई जानकारी नहीं है। मंत्रालय की ओर से सभी प्रमुख और प्रीमियम ट्रेनों में खानपान के प्रबंध का काम आईआरसीटीसी को दिया गया है।

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