यूपीः नागर विमानन प्रोत्साहन नीति-2017 लागू, विमान सेवा से जुड़ेंगे

Updated on: 21 August, 2019 04:01 PM

प्रमुख शहरप्रदेश के प्रमुख शहरों और पर्यटन स्थलों को विमान सेवा से जोड़ने की दिशा में अब तेजी आएगी। प्रदेश में नागर विमानन प्रोत्साहन नीति-2017 बनाने के साथ ही लागू कर दी गई है। इस नीति के बन जाने से राज्य के वे हवाई अड्डे और हवाई पट्टियां जहां से विमान सेवाएं नहीं हैं, वहां से विमान सेवा शुरू की जा सकेंगी।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया है कि प्रदेश सरकार नागर विमानन के क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देगी। केंद्र और राज्य सरकार के  प्रोत्साहन और सहयोग से इसे पूरा किया जाएगा। नीति बनाने के साथ ही रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरएससी) शुरू की गई है। इसके तहत केंद्र सरकार, राज्य सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच करार पर हस्ताक्षर हो चुका है।

प्रवक्ता ने बताया है कि इस नीति के तहत प्रदेश में नागर विमानन के क्षेत्र में अनुकूल कारोबारी वातावरण बनाया जाएगा। मजबूत नागर विमानन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए पर्याप्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित किया जाएगा।

रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत नए एयर रूट का विकास करके एयर कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत देश के बाकी हिस्सों से राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। एयर कार्गो हब के विकास को प्रोत्साहन देकर प्रदेश में कृषि निर्यात, विनिर्माण और ई-कॉमर्स कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा है।

ये होना है...

-मंडलों से हवाई सेवा शुरू करने के लिए  मंडल में स्थित हवाई पट्टियों को बिना किसी तामझाम के एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जाना है।
-वाराणसी में नए ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट विकसित करने के लिए 3000 एकड़ जमीन चिह्नित की जानी है।
-गोरखपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 60 एकड़ भूमि खरीदी जानी है।
-कुशीनगर एयरपोर्ट से लुम्बिनी, सारनाथ को जोड़ते हुए बुद्धिष्ट सर्किट तैयार करने के लिए कंसल्टेंट की नियुक्त किया जाना है।
-जेवर ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा के लिए भूमि चिन्हित करने और लागत का आकलन किया जा रहा है।

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