लव जिहाद: हादिया को 27 नवंबर तक कोर्ट के सामने पेश करें पिता: सक

Updated on: 12 November, 2019 10:16 AM

केरल के लव जिहाद मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने लड़की के पिता को कहा है कि वो हादिया को 27 नंवबर को कोर्ट के सम्मुख पेश करें। वहीं इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लड़की की सहमति प्राथमिक है क्योंकि वह बालिग है। आपको बता दें कि केरल में साल 2016 में एक हिंदू लड़की ने अपने माता-पिता की रजामंदी के बगैर ही एक मुस्लिम लड़के से प्रेम विवाह किया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पिता की याचिका पर मामले की जांच एनआईए को सौंप दी थी। केरल हाईकोर्ट ने इस निकाह को रद्द कर दिया था।
 आज एससी में केरल की अखिला अशोकन ने दिसंबर में एक मुस्लिम शख्स शफीन से निकाह कर लिया था, लेकिन इसके लिए अखिला ने अपना धर्म परिवर्तन किया और अपना नाम हादिया रख लिया। इसके बाद ही मामले ने तूल पकड़ा। केरल हाईकोर्ट ने 25 मई को हिंदू महिला अखिला अशोकन की शादी को रद्द कर दिया था।क्या है लव जिहाद

लव जिहाद मतलब, प्यार और इश्क। जिहाद एक अरबी शब्द है, इसका मतलब कोई मकसद पूरा करने के लिए कुछ भी कर गुजरना। लव जिहाद में लड़कियों को प्यार के जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन किया जाता है और फिर अपना मकसद पूरा किया जाता है। यही है लव जिहाद। दरअसल, मुस्लिम युवक हिंदू लड़कियों को प्यार के जाल में फंसाकर उन्हें आतंकी गतिविधियों से जोड़ते हैं।

अखिला के माता-पिता ने इस शादी को नहीं माना और हाई कोर्ट पहुंच गए। उनका आरोप है कि उनकी बेटी को आतंकवादी संगठन आईएसआईएस में फिदायीन बनाने के लिए लव जेहाद का सहारा लिया गया है। हादिया ने अपने पति के साथ मिलकर सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट आज इस मामले पर सुनवाई  करेगा।

ऐसे ही केरल में एक और मां हैं जिन्होंने अपनी बेटी के साथ ऐसे ही लव जिहाद के मामले पर एनआईए से जांच कराने की मांग की है।

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