भारत-अमेरिका: दिल्ली को इस मामले पर मिला ट्रंप का साथ तो पाकिस्तान को मिली चेतावनी

Updated on: 16 October, 2019 06:02 AM

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अमेरिका की पहली राष्ट्रीय रणनीति का ऐलान किया है। ट्रंप ने इस रणनीति का ऐलान करते हुए कहा कि अमेरिका भारतीय-प्रशांत क्षेत्र में भारत के एक बड़े नेतृत्व रोल का समर्थन करेगा। ट्रंप ने इसके साथ ही पाकिस्तान को भी आतंकियों पर सख्त होने की हिदायत दी है।

पाकिस्तान को दी चेतावनी
ट्रंप ने ऐलान करते हुए कहा, 'हम भारत के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना चाहते हैं और हम हिंद महासागर की सुरक्षा और पूरे क्षेत्र के लिए में उसके रोल का समर्थन करेंगे।' राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान को भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए और प्रभावी कदम उठाने पर मजबूर कर देंगे क्योंकि कोई भी साझेदारी किसी ऐसे देश को आतंकियों और चरमपंथियों का समर्थन करता है तो उसके साथी सदस्यों अधिकारियों पर आतंकी हमले करते हों। ट्रंप ने कहा कि वह पाकिस्‍तान को परमाणु हथियारों का प्रसार कम करने के लिए भी कहेंगे।

पाक ने बताया अमेरिका को दोषी
पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) नसीर खान जंजुआ ने एक कार्यक्रम में अमेरिका की आलोचना की है। जंजुआ ने कहा कि वह सीपीईसी (चीन-पाक आर्थिक गलियारा) के खिलाफ साजिश रच रहा है। पाक को जो आतंकवाद झेलना पड़ रहा है वह भी महज इस वजह से क्योंकि उसने अमेरिका का साथ दिया था। जंजुआ की मानें तो अमेरिका के साथ आने के बाद ही पाकिस्तान में आतंकवाद ने पैर पसारे। जंजुआ ने ये बातें राष्ट्रीय सुरक्षा पर एक सेमिनार में कहीं। इस्लामाबाद में आयोजित एक सेमिनार में उन्होंने कहा कि अमेरिका अब भारत की भाषा बोल रहा है। अफगानिस्तान में तालिबान ताकतवर हुआ तो अमेरिका ने उसका ठीकरा पाक के सिर फोड़ दिया, जबकि यह महाशक्ति की अपनी नाकामी रही। वह पाक पर आरोप जड़ता है कि उसका संबंध तालिबान व हक्कानी नेटवर्क से है, जबकि उनका देश लगातार इन ताकतों को जवाब दे रहा है।

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