एच 1बी वीजा: ट्रंप सरकार की सख्ती से US छोड़ने को विवश हो सकते हैं हज़ारों भारतीय

Updated on: 22 August, 2019 10:56 AM

ट्रंप सरकार एक ऐसे प्रस्ताव पर काम कर रही है जिसके चलते अमेरिका में एच1बी वीजा पर रहकर ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे विदेशी उच्च श्रेणी के कुशल कारीगरों को बड़ा झटका लग सकता है। इनमें से ज्यादातर भारतीय कामगार है जो अमेरिकी प्रोद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों में काम कर रहे हैं।

यह प्रस्ताव डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) में इंटरनल मेमो के तौर पर जारी किया गया है। डीएसएस ही नागरिकता और अप्रवास को देखता है। उनका मकसद उन एच1बी वीजाधारकों के बारे में विचार करना है जिन्होंने स्थायी नागरिकता (ग्रीन कार्ड) के लिए आवेदन दिया हुआ है।

अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्थानीय अमेरिकी नागरिकों को नौकरी देने की नीति ‘बाई अमेरिकन हायर अमेरिकन’ पर वहां की सरकार आगे बढ़ती है ऐसा अनुमान है कि करीब 5 लाख से साढ़े सात लाख भारतीय एच1बी वीजाधारकों को वापस जाने को मजबूर किया जा सकता है।
सेन जोस में इमिग्रेशन वायस के एक अधिकारी ने बताया- अगर यह लागू कर दिया जाता है तो बड़ी तादाद में भारतीयों को अमेरिका छोड़ने पर मजबूर किया जाएगा। जिसके चलते हजारों परिवारों के सामने संकट पैदा हो जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि इमिग्रेशन वायस यह विचार कर रहा है कि जब इस बारे में फैसले की घोषणा की जाएगी तो उसके बाद इस फैसले के खिलाफ चुनौती दी जाएगी।

इस प्रस्ताव के बार में सबसे पहले ख़बर देने वाले डीसी ब्यूरो के मैक क्लेची ने अपने सूत्रों के हवाल से यह बताया है कि होमलैंड सिक्योरिटी ऑफिशियल्स की तरफ से यह कहा गया है कि इस पीछे यह योजना है ताकि हज़ारों भारतीय कुशल कारीगर खुद ही यहां से वापस चले जाएं ताकि अमेरिकी लोगों को लिए वो नौकरी बची रहे।

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