चारा घोटालाः लालू यादव रांची सीबीआई कोर्ट से निकले, सजा का ऐलान कल

Updated on: 12 November, 2019 05:06 AM

चारा घोटाले में राजद सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद समेत 16 दोषियों को आज सजा सुनाई जाने वाली थी लेकिन अब खबर आ रही है कि सजा का ऐलान कल होगा। 1.30 बजे के बाद बार काउंसिल ने शोकसभा का आयोजन किया है। कोर्ट ने कहा आज लालू यादव को सजा नहीं सुनाई जाएगी। लालू यादव कोर्ट से निकल चुके हैं।

लालू यादव ब्लू स्वेटर और मफलर में कोर्ट रुम पहुंचे थे। कोर्ट के बाहर समर्थकों का तांता देखने को मिला। लालू के वकील चाहते थे कि अभी सजा का ऐलान हो जाए, अब ऐसा नहीं होगा। बार काउंसिल ने भी यही जानकारी दी है कि 16 दोषियों पर अलग से बहस होगी। वकील ने कोर्ट रूम के बाहर कहा कि लालू को कम से कम 1 साल और ज्यादा से ज्यादा 7 साल की सजा हो सकती है। अगर उन्हें तीन साल से कम सजा होती है तो जमानत जल्द ही मिल जाएगी।

इस बीच, तेजस्वी यादव, मनोज झा और रघुवंश यादव को कोर्ट की अवमानना के आरोप में नोटिस भेजा गया है। तेजस्वी लालू के साथ कोर्ट में मौजूद नहीं थे।

कब सुनाया गया था फैसला

सभी को चारा घोटाले के देवघर कोषागार से अवैध निकासी के मामले में सीबीआई कोर्ट ने 23 जनवरी को दोषी करार दिया था। अदालत ने लालू को धोखाधड़ी करने, साजिश रचने और भ्रष्टाचार के आरोप में भादवि की धारा 420, 120 बी और पीसी एक्ट की धारा 13( 2) के तहत दोषी पाया था।

लालू के वकीलों के अनुसार वह अदालत से लालू को कम से कम सजा देने का आग्रह करेंगे, जबकि सीबीआई के वकील ने कहा कि यह भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला है। ऐसे में अदालत से अधिकतम सजा देने की गुजारिश की जाएगी।

समर्थकों का जमावड़ा

जब से लालू यादव रांची की बिरसा जेल में बंद हैं तब से उनके समर्थक बेचैन हैं। वे रोजाना लालू यादव के लिए दुआ करते हैं और जेल के बाहर उनसे मिलने की फरियाद लेकर जाते हैं। हालांकि 2-3 से ज्यादा लोगों को लालू से मिलने नहीं दिया जाता है। आज सजा के ऐलान से पहले राजद नेता उन्हें समर्थन देने के लिए रांची पहुंच चुके हैं।
क्या है मामला

सीबीआई ने इस मामले में देवघर कोषागार से फर्जी बिल बना कर राशि की निकासी करने का आरोप सभी पर लगाया था। आपूर्तिकर्ताओं पर सामान की बिना आपूर्ति किए बिल देने और विभाग के अधिकारियों पर बिना जांच किए उसे पास करने का आरोप है। लालू प्रसाद पर गड़बड़ी की जानकारी होने के बाद भी इस पर रोक नहीं लगाने का आरोप है। डॉ जगन्नाथ मिश्र पर पशुपालन विभाग के उन अधिकारियों को सेवा विस्तार की सिफारिश करने का आरोप था, जो इस घोटाले में शामिल थे।

देवघर के तत्कालीन डीसी और सरकारी गवाह को शो कॉज

सीबीआई जज ने इसी मामले में देवघर के तत्कालीन डीसी को शो कॉज भी किया है। इसके साथ ही इस मामले में सरकारी गवाह बनाए गए शिव कुमार पटवारी और शैलेश प्रसाद शर्मा से भी स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने इनसे पूछा है कि इस मामले में क्यों नहीं आपके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सुनवाई शुरू की जाए। सभी को तीन जनवरी तक जवाब दाखिल करने को कहा है।
आइये जानते हैं इस केस से जुड़ी कुछ अहं बड़ी बातें- 

1-    लालू यादव चारा घोटाले में पांच केस का सामना कर रहे हैं जिनमें से चार केस उनके खिलाफ लंबित है।
2-    जिस केस में सुनवाई होने जा रही है वह 1994 से 1996 के बीच देवघर जिला कोषागार से फर्वीवाड़े तरीके से निकाले गए 84.5 लाख रूपये से जुड़ा हुआ है।
3-    इस केस मे कुल बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा और लालू यादव समेत 34 लोग आरोपी है।
4-    इससे पहले चाइबासा कोषागार से 37.5 करोड़ रूपये फर्जीवाड़े तरीके से निकालने के जुर्म में लालू यादव को पांच साल जेल और 25 लाख रूपये जुर्माने की सज़ा सुनाई जा चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने 2013 के दिसंबर में उन्हें जमानत दी थी।
5-    साल 2014 में झारखंड हाईकोर्ट ने इस आधार पर चार अन्य केस के ट्रायल पर रोक लगा दी थी कि जब किसी शख्स को एक केस में दोषी करार दे दिया गया है तो फिर उसे उसी केस में उसी गवाह और साक्ष्य पर सुनवाई नहीं होनी चाहिए।
6-    हालांकि, हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया। जिसके बाद लालू यादव को उनके खिलाफ लंबित सभी चारा घोटाला केस में ट्रायल फेस करना होगा।
7-    शुक्रवार को लालू यादव ने इस बात पर जोर देते हुए कहा था कि चारा घोटाला केस का राष्ट्रीय जनता दल पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आरजेडी को उनके बेटे तेजस्वी और तेजप्रताप सफलतापूर्व नेतृत्व करेंगे।

लालू समेत नौ की पेशी के लिए प्रोडक्शन वारंट

वहीं दूसरी ओर पटना सीबीआई की विशेष अदालत में चल रहे चारा घोटाला के एक मामले में आरोपित राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद समेत 9 आरोपितों को पेशी के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी करने का आदेश सीबीआई कोर्ट ने दिया है। चारा घोटाला का यह मामला भागलपुर और बांका जिला के कोषागार से फर्जी निकासी से सबंधित है। सीबीआई की विशेष अदालत ने रांची के बिरसा मुंडा कारा जेल में बंद लालू प्रसाद, पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, पूर्व सांसद आर के राणा, नौकरशाह बेक जुलियस, फूलचंद सिंह, महेश प्रसाद सिंह, आपूर्तिकर्ता टीएन सिंह, सुनील कुमार और सुशील कुमार को पेश करने के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी करने का आदेश दिया है।

इन सभी आरोपितों को रांची सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के एक मामले में दोषी करार दिया और न्यायिक हिरासत में लेते हुए बिरसा मुंडा कारा जेल भेज दिया है। इनकी सजा की बिंदु पर सुनवाई बुधवार को होगी।

स्पीडी ट्रायल के तहत चल रहा मामला
पटना सीबीआई की विशेष अदालत में चारा घोटाला का एक मामला स्पीडी ट्रायल के तहत प्रतिदिन चल रहा है। इसका विशेष कोर्ट बनाया गया है जिसमें चारा घोटाला मामले की सुनवाई चलती है। इस मामले में लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री डा. जगन्नाथ मिश्रा, पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, पूर्व सांसद आर के राणा, फूलचंद सिंह सहित कुल 30 आरोपितों पर सुनवाई चल रही है। चारा घोटाला के इसी मामले में लालू प्रसाद समेत 9 आरोपितों के वकीलों ने सीबीआई कोर्ट में आवेदन देकर पटना सीबीआई कोर्ट में पेशी के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी करने का अनुरोध सीबीआई कोर्ट से किया था।

View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया