आम बजट आज: राहत के साथ हल्के झटके देने की तैयारी

Updated on: 22 November, 2019 09:25 AM

मोदी सरकार अपने कार्यकाल के आखिरी पूर्ण बजट में हर वर्ग के लिए राहत का पिटारा खोल सकती है। हालांकि खजाने को मजबूत बनाने के लिए कुछ झटके भी देने की तैयारी है। दिसंबर तक आठ राज्यों के विधानसभा चुनाव और अगले लोकसभा चुनावों के मद्देनजर वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट में आयकर में रियायत, रोजगार सृजन, कृषि क्षेत्र के लिए अहम घोषणाएं कर सकते हैं। महंगाई काबू में करने के लिए पेट्रोलियम उत्पादों में शुल्क घटाने का ऐलान भी हो सकता है।

आयकर छूट की सीमा को तीन लाख रुपये तक की जा सकती है। वहीं 5, 20 और 30 फीसदी की आयकर की दर के बीच 10 प्रतिशत का नया स्लैब जोड़े जाने की उम्मीद है। आवास ऋण के मूलधन और ब्याज की सीमा में बढ़ोतरी के साथ 14 साल बाद फिर से मानक कटौती (स्टैंडर्ड डिडक्शन) का लाभ नौकरीपेशा लोगों को दिया जा सकता है। रोजगार देने वाली कंपनियों को करों में छूट और कर बचाने के लिए निवेश सीमा बढ़ाई जा सकती है।
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सेहत पर रहेगा ध्यान
केंद्र सरकार स्वास्थ्य बजट में दस फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी कर सकती है। साथ ही स्वास्थ्य एवं कल्याणकारी केंद्रों को 1200 करोड़ रुपये आवंटित कर सकती है, ताकि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में सभी तरह की सेवाएं लोगों को मिल सकें। सरकार की कोशिश महिलाओं, शिशुओं और बुजुर्गों को कम खर्च में नजदीकी केंद्र में इलाज मिले। 

रोजगार के लिए उद्योगों को प्रोत्साहन संभव
सरकार रोजगार को बढ़ावा देने के लिए पिछले साल की तरह इस साल भी बुनियादी उद्योगों को ज्यादा आवंटन दे सकती है। ताकि उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ने वाले भारतमाला प्रोजेक्ट को जोड़ने का काम तेज हो। रेलवे का निवेश भी दस फीसदी बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि निर्यात और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कंपनियों को करों में छूट दी जा सकती है। स्टार्टअप और आईटी कंपनियों को रियायतें मिलने की संभावना है। 50 से  200 लोगों को रोजगार देने वाली छोटे उद्योगों के लिए सरकार नई नीति ला सकती है। 

उद्योग से रोजगार तक...बजट में उद्योग क्षेत्र को राहत देने में रोजगार पैदा करने की जुगत भी सरकार लगाएगी।इसमें पीएफ खातों में सरकार की ओर से जिम्मेदारी लेने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। आयकर की धारा 80जेजेजेएए में नए कर्मचारियों की भर्ती करने वाली उद्योगों को आसान दरों पर कर्ज, तीन साल के लिए 30 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट, काम सिखाने के कार्यक्रमों के लिए कंपनियों को प्रोत्साहन मुहैया करा सकती है।

निवेश के जरिये रोजगार की राह
रोजगार के मोर्चे पर विपक्षी हमलों के बीच सरकार रोजगार सृजन के उपाय करने के मौके को भुनाएगी। आईटी, बैंकिंग, टेक्सटाइल और निर्माण क्षेत्र और लघु उद्योग के लिए रोजगार केंद्रित नई नीति लाई जा सकती है। इन क्षेत्रों में निवेश के जरिये रोजगार सृजन करने वालों को कर छूट और प्रोत्साहन की खुराक मिल सकती है।

फ्लैगशिप योजनाओं का बजट बढ़ेगा

डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया योजनाओं में खर्च बढ़ने की पूरी संभावना है। कौशल विकास और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और फसल बीमा योजना का भी विस्तार मुमकिन है।

सस्ता-महंगा का झंझट नहीं होगा
हर साल आम बजट में आम आदमी की निगाह सस्ती और महंगी वस्तुओं और सेवाओं पर रहती है। लेकिन अप्रत्यक्ष कर में बदलाव का अधिकार जीएसटी के खाते में जाने से इस बार यह झंझट नहीं होगा।
बजट में ऐसी राहतें दे सकती है सरकार....आर्थिक विशेषज्ञ रवि सिंह के मुताबिक मध्यम वर्ग के लोगों को आयकर में छूट, लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्रों को रियायत, आईटी और कृषि क्षेत्र में नई योजनाएं लाने का कदम सरकार उठा सकती है। साथ ही साइबर सुरक्षा के लिए बेहतर कोष आवंटन के साथ डिजिटल इंडिया कार्यक्रम में तेजी लाने के लिए नए कदम उठा सकती है।

ये झटके संभव
1-बजट में दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर (एलटीसीजी) लगाया जा सकता है।
2- विदेशी निवेश बनाए रखने को सरकार सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स बढ़ा सकती है।
3-मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए सरकार सीमा शुल्क में बढ़ोत्तरी कर सकती है।
4-सरकार फिर से इनहेरिटेंस टैक्स ला सकती है, जिसे पहले एस्टेट ड्यूटी कहा जाता था। 5
5-केंद्र सरकार घरेलू क्षेत्र में विनिमार्ण को बढ़ावा देने के लिए आयात शुल्क बढ़ा सकती है।

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