सर्च डिजाइन के जरिए Google दिखाता था पक्षपातपूर्ण रिजल्ट, आयोग को मिली गड़बड़ी

Updated on: 13 November, 2019 01:52 PM

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने गूगल के खिलाफ मिली शिकायत की जांच की तो पता चला कि गूगल अपनी सर्च डिजाइन के जरिए सर्च फंक्शन को कंट्रोल करता है और इससे रिजल्‍ट पेज में किसी विशेष कामर्शियल फ्लाइट को खास पोजिशन में दिखाता है। गूगल ऐसा इसलिए करता है कि गतल तरीके से बिजनेस का लाभ लिया जा सके और बाजार में पकड़ मजबूत की जा सके।

कंपनियों की प्रतिस्पर्धा को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए काम कर रहा भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग को जब 2012 में इस बारे में पहली बार शिकायत मिली तो आयोग ने गूगल पर नजर रखनी शुरू कर दी। गूगल के खिलाफ यह शिकायत भारत मैट्रीमनी और कंज्यूमर यूनिटी एंड ट्रस्ट सोसाइटी की ओर से मिली थी।

आयोग माना कि गूगल के इस कदम से नियमों का उल्लंघन हुआ है और लोगों को भरोसा टूटा है। गूगल के इसी अपराध और अनियमितता के लिए आयोग ने गूगल पर उसकी सलाना आय (भारत में) का पांच फीसदी जुर्माना लगाने का फैसला किया।

बहुत कम लगा जुर्माना-
सीसीआई के फैसले पर शिकयत पक्ष भारत मैट्रीमनी के पार्टन नवल चोपड़ा ने मीडिया से कहा कि आयोग के इस फैसले से हैरान हैं। उनका मानना है कि आयोग ने गूगल पर बहुत छोटा जुर्माना लगाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनी गूगल जितनी बड़ी है उसके हिसाब से यह जुर्माना बहुत छोटा है।

4 - 2 से दिया गया फैसला
गूगल सर्च मामले की सुनवाई आयोग के 6 सदस्यों ने की जिसमें 4 ने गूगल के व्यवहार को गलत माना और 135.8 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। गूगल को यह जुर्माना 60 दिन के भीतर जमा कराना होगा।
 

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