कर्मचारियों से बोले नीरव मोदी- 'सैलरी नहीं दे पाएंगे, नई नौकरी ढूंढ़ लो'

Updated on: 17 July, 2019 12:37 AM

पंजाब नेशनल बैंक को 11400 करोड़ की चपत लगाने के बाद हीरा व्यापारी नीरव मोदी दुनिया के किस कोने में हैं ये किसी को नहीं पता। हालांकि वो कभी पत्र के जरिए तो कभी ईमेल के जरिए अपनी बात रख रहे हैं। बैंक को पैसा लौटाने से इनकार कर चुके नीरव मोदी ने अब अपनी कंपनी के कर्मचारियों की सैलरी देने से भी मना कर दिया है।

'कंपनी नहीं दे सकती सैलरी'
मंगलवार को नीरव मोदी अपनी कंपनी के नाम एक ईमेल लिखा। इस मेल में उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि वो काम पर न आएं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कंपनी फिलहाल इस हालात में नहीं है कि वो लोगों की सैलरी दे सके। साथ ही नीरव मोदी ने ईमेल में अपने कर्मचारियों से कहा, 'ऐसे हालात में आपके लिए बेहतर है कि आप अपने फ्यूचर को देखते हुए नई जॉब ढूंढ लें।' जानकारी के मुताबिक कंपनी के एक सूत्र ने इस मेल की पुष्टि भी की है।

नीरव ने कहा- दूसरी नौकरी ढूंढ़ लें
आपको बता दें कि फ्रॉड का खुलासा होने के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नीरव मोदी से सभी अकाउंट सीज कर दिए हैं। इसके साथ ही गीतांजलि जैसे उनकी अन्य कंपनियों के खाते भी सीज किए जा चुके हैं। ईडी द्वारा की गई इस कार्रवाई का हवाला देते हुए नीरव मोदी ने ईमेल में लिखा, 'कंपनी के सारे अकाउंट सीज हो चुके हैं, फैक्ट्री और शोरूम के सारे स्टॉक खत्म हो चुके हैं, इसलिए हम किसी को पैसा नहीं दे पाएंगे। बेहतर होगा की आप अपने लिए नए मौके खोज लें।'
पुराना बकाया चुकाने का दिया आश्वासन
हालांकि नीरव मोदी इस ईमेल में ये भी लिखा है कि जैसे की कंपनी के हालात स्थिर होते नजर आएंगे हम सभी कर्मचारियों का पुराना बकाया चुकाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने जांच एजेंसियां पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तेजी काम हो रहा है उससे मामले की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं। आपको बता दें कि 1 जनवरी को नीरव मोदी देश छोड़कर अज्ञात जगह पर चले गए थे।
विपुल अंबानी हुए गिफ्तार
 सीबीआई ने मंगलवार को पीएनबी घोटाले की जांच के सिलसिले में मुख्य आरोपी नीरव मोदी की फाइव स्टार डायमंड कंपनी के अध्यक्ष (वित्त) विपुल अंबानी को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि इस घोटाले में दर्ज अपनी दो प्राथमिकियों के सिलसिले में जांच एजेंसी ने चार अन्य वरिष्ठ कार्यपालक अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया।   

अंबानी को कार्यपालक सहायक कविता मानकीकर तथा वरिष्ठ कार्यपालक अधिकारी अर्जुन पाटिल के साथ, सीबीआई द्वारा दर्ज पहली प्राथमिकी के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया। इस प्राथमिकी के तहत, 6,498 करोड़ रूपये मूल्य के 150 ''लैटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) की जांच की जा रही है। एलओयू वह गारंटी होता है जो जारीकर्ता बैंक उन भारतीय बैंकों को आवेदक को अल्पकालिक रिण देने के लिए देता है जिनकी विदेशों में शाखाएं हैं। मानकीकर तीन कंपनियों ... डायमंड आर यूएस, स्टेलर डायमंड, सोलर एक्सपोर्ट्स में भी महत्वपूर्ण पदाधिकारी हैं। तीनों कंपनियां 31 जनवरी को जांच एजेंसी द्वारा दर्ज प्राथमिकी में आरोपी के तौर पर सूचीबद्ध हैं।

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