अब चाइना की अनोखी किट तीन घंटे में डीएनए टेस्ट से सुलझाएगी रिश्तों की मिस्ट्री

Updated on: 17 November, 2019 02:38 PM

अब भारत में भी जल्द ही रिश्तों की मिस्ट्री डीएनए टेस्ट से आसानी से सॉल्व होगी। तीन घंटे के अन्दर पता चल जाएगा कि कौन किसका पिता है और कौन किसी की बेटी या फिर बेटा है। भारत में मध्यप्रदेश की सागर पुलिस लैब में कॉम्प्लेक्स किनशिप डीएनए टेस्ट किट का ट्रायल चल रहा है। यह जानकारी इंटरनेशनल कान्फ्रेंस में शामिल हुईं यूरोप की ऑसमा बेमोटाइट ने दी। चाइना के हेल्थ जेन टेक्नोलॉजी में बतौर इंटरनेशनल सेल्स एण्ड बीडी मैनेजर ऑसमा की मानें तो भारत के साथ-साथ अमेरिका व यूरोप में भी इस डीएनए टेस्ट किट का ट्रायल चल रहा है।
बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के फॉरेंसिक साइंस एण्ड क्रिमिनोलॉजी डिपार्टमेंट द्वारा आयोजित तीन दिवसीय इंटरनेशनल कान्फ्रेंस के दूसरे दिन फोरेंसिक विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को डीएनए टेक्नोलॉजी के विषय में नवीनतम जानकारी दी। आसमा ने बताया कि फेमिली केसेस को सॉल्व करने के लिए काम्प्लेक्स किनशिप डीएनए टेस्ट किट तैयार की गई है। उन्होंने बतया कि चाइना में इसका परीक्षण पूरा हो चुका है, चाइना में इसका रिजल्ट शत प्रतिशत रहा है। इस किट का सागर पुलिस लैब को ट्रायल के तौर पर दिया गया है। उन्होंने बताया कि तीन घंटे के अन्दर इसके परिणाम सामने आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह किट चाइना में बढ़ते फेमिली केसेस को देखते हुए बनाई गई है। 
तीसरे पायदान पर भारत
आसमा का कहना है कि डीएनए के मामले में भारत का नंबर तीसरा है। उन्होंने बताया कि डीएनए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के मामले में जहां यूएसए अव्वल है, वहीं डीएनए डाटा बेस के मामले में चाइना अव्वल है। डीएनए प्रयोग के मामले में भारत का तीसरा नंबर है।
कलैक्टिंग एविडेंस बडी चुनौती
आसमा के अनुसार भारत में सबसे बड़ी चुनौती लैक्टिंग एविडेंस की है। अगर सैम्पल सही तरीके से कलेक्ट किए जाएं तो परिणाम बहुत बेहतर आयेंगें। इसके अलावा भारत को डीएनए डाटाबेस बनाने व उसको मेन्टेन करने की जरूरत है। 

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