महामृत्युंजय से महाश्मशान तक गूंजा बाबा का जयकारा

Updated on: 17 October, 2019 07:11 AM

मणिकर्णिका घाट स्थित महाश्मशान नाथ मंदिर का तीन दिवसीय शृंगार महोत्सव गुरुवार को विविध अनुष्ठान के साथ शुरू हुआ। महामृत्युंजय महादेव मंदिर से मणिकर्णिका घाट तक शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़े पर बाबा के भक्त थिरक रहे थे। घोड़ों पर प्रभु राम के साथ त्रिदेवों की झांकी सजाई गई थी। उधर मंदिर में शृंगार हुआ।

महाश्मशान नाथ का शाम को गुलाब, गेंदा के फूलों से भव्य शृंगार हुआ। सुनील महाराज के आचार्यत्व में रुद्राभिषेक हुआ। मुख्य यजमान अध्यक्ष चैनू प्रसाद गुप्ता थे। इसके बाद महाश्मशान नाथ मंदिर सेवा समिति के बैनर तले दारानगर स्थित महामृत्युंजय महादेव मंदिर से गाजेबाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में कई लॉग विमान और प्रतीकात्मक शिवलिंग था। भूतप्रेत व पिशाच के अलावा काली के स्वरूप करतब दिखा रहे थे। शोभायात्रा मैदागिन, बुलानाला, चौक होते हुए मणिकर्णिका घाट स्थित महाश्मशान नाथ मंदिर पहुंची, जहां आरती के बाद सुंदरकांड का पाठ हुआ। भक्तों ने भजन कीर्तन किया। शोभायात्रा में गुलशन कपूर, संजय झिगरन, बिहारीलाल गुप्ता, विजय शंकर पाण्डेय, राजू प्रसाद गुप्ता, मनोज शर्मा, अजय गुप्ता, दीपक तिवारी, दिलीप यादव आदि शामिल रहे।

शिव-शक्ति रूप में विराजते हैं महाश्मशान नाथ
मणिकर्णिका घाट को ‘मोक्ष द्वार’ भी कहा जाता है। यहां के महाश्मशान पर शवों के अंतिम संस्कार के समय महादेव शिव तारक मंत्र देते हैं। यहां महाश्मशान नाथ शिव-शक्ति के रूप में विराजमान हैं। ऐसी मान्यता है कि शक्ति रूप में मशान काली हैं जो शवों को अपनी गोद में सुलाती हैं और भगवान शंकर शवों के कान में तारक मंत्र देकर उन्हें मोक्ष दिलाते हैं। सैकड़ों वर्षों से स्थापित मंदिर का जीर्णोद्धार चार सौ वर्ष पहले अजमेर (राजस्थान) के राजा मानसिंह ने कराया था। तब से यहां का आयोजन विस्तार रूप लेने लगा। अब यहां का शृंगार महोत्सव काशी के प्रमुख आयोजनों में शुमार है।

राजा मानसिंह ने सन-1585 में अपनी मां के काशीवास के लिए मान मंदिर का निर्माण कराया। बाबा महाश्मशान नाथ मंदिर के व्यवस्थापक गुलशन कपूर ने बताया कि पहले यह मंदिर छोटा सा था। मानसिंह ने मानमंदिर के निर्णाण के दौरान ही महाश्मशान नाथ मंदिर का भी जीर्णोद्धार कराया। इसके बाद तीन दिवसीय शृंगार महोत्सव शुरू हुआ, जो अब तक चला आ रहा है। यहां विविध धार्मिक अनुष्ठान े अलावा संगीत के भी कार्यक्रम होते हैं।

होता है त्रिविध शृंगार
बाबा महाश्मशान नाथ मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष चैनू प्रसाद गुप्ता ने बताया कि बाबा का वैदिक, तांत्रिक एवं सांगीतिक शृंगार होता है।

चैनू हैं चौथी पीढ़ी
महाश्मशान नाथ मंदिर की देखरेख चैनू प्रसाद गुप्ता का परिवार चार पीढ़ियों से कर रहा है। परदादा राजाराम गुप्ता, दादा संकठा प्रसाद गुप्ता तथा पिता काली प्रसाद गुप्ता के बाद अब वह इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 

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