NCERT ने पॉलिटिकल साइंस से 2002 के गुजरात दंगे को लेकर 'एंटी-मुस्लिम' शब्द हटाया

Updated on: 14 November, 2019 06:07 PM

गुजरात दंगे को लेकर 12वीं कक्षा की पॉलिटिकल साइंस में जहां पहले ‘एंटी मुस्लिम राइट्स इन गुजरात’ शीर्षक के साथ छात्र पढ़ते थे तो वहीं अब वे अपडेट्ड किताब में सिर्फ ‘गुजरात राइट्स’ ही पढ़ने को मिलेगा।
नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) टेक्स्ट बुक ‘पॉलिटिक्स इन इंडिया सिंस इंडिपेंडेंस’ के चैप्टर के सब-हेड में बदलाव किया है। हिन्दुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक, इसके और इसकी शुरुआती लाइन के अलावा 2002 के गुजरात हिंसा को लेकर बाकी सारी चीजें वहीं हैं। 
नए टेक्स्टबुक्स में पैसेज के अंदर दो तरह के बदलाव किये गए हैं। शीर्षक के अलावा पैसेज की पहली शब्द से मुस्लिम शब्द हो भी हटा दिया गया है। पैसेज में इससे पहले पढ़ा जाता था- “फरवरी-मार्च 202 में गुजरात में मुस्लिम के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी।” लेकिन, अपडेटेड किताब में अब लिखा है- “फरवरी-मार्च 2002 में बड़ी तादाद में गुजरात के अंदर हिंसा भड़की थी।” 12वीं कक्ष की टेक्स्ट बुक में यह बदलाव साल 2007 में प्रकाशित होने के दौरान किया था जिस वक्त केन्द्र की सत्ता में कांग्रेस की अगुवाई में यूपीए की सरकार थी।

एनसीईआरटी अधिकारियों के मुताबिक, जिस सिलेबस को स्वीकृति दी गई है जिससे टेक्स्ट बुक्स को तैयार किया जाता है उसमें एंटी-मुस्लिम शब्द की कोई जगह नहीं है। नाम ना बताने की शर्त पर उन्होंने बताया- “इस सिलेबस में साफतौर पर गुजरात हिंसा शब्द का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, टेक्स्ट बुक ने पहले ‘एंटी मुस्लिम’ शब्द को शामिल किया था। जब हमने सिलेबस को अपडेट करना शुरू किया तो इस बारे में हमें बताया गया उसके बाद हमने वहां पर गुजरात हिंसा शब्द का इस्तेमाल किया। ”

गौरतलब है कि 7 जून 2017 को हिन्दुस्तान टाइम्स ने सबसे पहला बताया था कि इसमें कुछ बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं।

View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया