तमिलनाडु : कावेरी विवाद पर विपक्ष का राज्यव्यापी बंद, सड़कों पर सन्नाटा, लोग परेशान

Updated on: 18 July, 2019 08:50 AM

तमिलनाडु में विपक्षी दलों की तरफ से कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर बुलाए गए बंद का सुबह से ही असर दिख रहा है। बंद के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। दुकानों में शटर गिरा हुआ है। सबसे अधिक असर बस सेवाओं पर पड़ता दिख रहा है। प्रमुख ट्रेड यूनियन्स ने बंद में भाग लेने का फैसला किया है, इसलिए सरकारी बसें गुरुवार को नहीं चलेंगी।

राज्य में चक्का जाम
वहीं कर्नाटक से आईं बसें भी गुरुवार को तमिलनाडु की सीमा पर ही रुकी हुई हैं। कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन कॉर्पोरेशन ने तमिलनाडु में बसें नहीं चलाने का ऐलान किया है। सुबह-सुबह खुलने वाली चाय-सब्जी की दुकानों से लेकर बड़ी दुकानें भी बंद हैं। सड़कों पर भी इक्क-दुक्का लोग ही दिखाई दे रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
कावेरी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक के पक्ष में फैसला आने के बाद से बोर्ड के गठन के लिए विपक्षी दल केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश करते रहे हैं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 16 फरवरी को अपने आदेश में कावेरी जल में कर्नाटक का हिस्सा 14.75 टीएमसी फुट बढ़ाकर उसे 27 टीएमसी फुट कर दिया था। उसने नदी जल में तमिलनाडु का हिस्सा घटा दिया था। कोर्ट ने कहा था कि पानी राष्ट्रीय संपत्ति है और नदी के जल पर किसी भी राज्य का मालिकाना हक नहीं है।

मुंह में चूहे रखकर प्रदर्शन
दो दिन पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री ई. पलनिसामी और उपमुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम समेत एआईएडीएमके नेता भूख हड़ताल पर बैठे थे। टीटीवी दिनाकरन के नेतृत्व वाली अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम के कार्यकर्ताओं ने तिरुचिरापल्ली हवाईअड्डे पर मंगलवार को प्रदर्शन किया था।  बुधवार को कोयंबटूर में डीएमके और एमएमके कार्यकर्ताओं ने मुंह में रबर के चूहे रखकर प्रदर्शन किया था। कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।

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