कठुआ गैंगरेपः हत्या से पहले कई बार हुआ मासूम का रेप, सीबीआई जांच की मांग

Updated on: 16 November, 2019 08:21 AM

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में जनवरी 2018 को आठ साल की बच्ची से गैंगरेप और हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। खुलासा चार्जशीट दाखिल होने के बाद हुआ। पुलिस ने मामले के चार महीने बाद आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक मासूम बच्ची की हत्या से पहले उसके साथ कई बार रेप किया गया।

चार्जशीट में इस केस का मास्टर माइंड सांझीराम का बताया गया है। इस केस में सांझीराम ने अपने नाबालिग भतीजे व अन्य लड़कों का इस्तेमाल किया। जमीन के विवाद में बकरवाल समुदाय से बदला लेने के लिए उसने ये साजिश रची थी। मामला रफा दफा करने के लिए सांझीराम ने स्थानीय पुलिस को घूस भी दी। यह खुलासा क्राइम ब्रांच की चार्जशीट में हुआ है।

इसलिए वारदात को दिया अंजाम
15 पन्नों की इस चार्जशीट में रासना गांव में देवीस्थान, मंदिर के सेवादार सांझीराम को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। मास्टरमाइंड सांझी बकरवाल समुदाय को हटाने के लिए इस घिनौने कृत्य को अंजाम देना चाहता था। इसके लिए वह अपने नाबालिग भतीजे और अन्य छह लोगों को लगातार उकसा रहा था।

वयस्क है किशोर
एक अधिकारी ने बताया कि किशोर की मेडिकल जांच से जाहिर होता है कि वह वयस्क है लेकिन अदालत ने अभी तक रिपोर्ट का संज्ञान नहीं लिया है। किशोर की भूमिका के बारे में मंगलवार को एक अलग आरोपपत्र दाखिल किया गया। सभी आठ लोग गिरफ्तार कर लिए गए हैं।
 
22 गवाहों का बयान दर्ज
पुलिस ने इस मामले में एक न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष 22 गवाहों का बयान दर्ज कराया। इनमें सांझी राम और अन्य द्वारा रची गई साजिश का ब्योरा दिया गया।

ये है सांझीराम की साजिश
दाखिल चार्जशीट में कहा गया है कि साजिशकर्ता संझीराम बकरवाल समुदाय के तहसील में बसने के खिलाफ था। उसने हिंदू समुदाय के लोगों को भी भड़काया कि वे इस समुदाय के लोगों को बसने के लिए जमीनें न दें। चार्जशीट में कहा गया है कि तहसील में ज्यादातर हिंदू समुदाय की यह सोच बन गई थी कि यह समुदाय गो-हत्या और ड्रग तस्करी से जुड़ा है। अगर ये यहां बसते हैं तो उनके बच्चों का भविष्य खराब हो जाएगा। इस कारण से किसी न किसी बात को लेकर बकरवाल समुदाय के लोगों को धमकियां दी जाती रहीं। संझीराम और अन्य साजिशकर्ता भी इस समुदाय के वहां बसने के खिलाफ थे।

दोनों समुदायों में बढ़ा विरोध
चार्जशीट के मुताबिक क्षेत्र में दोनों समुदायों के बीच विरोध इतना बढ़ गया कि लगातार अलग-अलग थानों में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई गईं। क्राइम ब्रांच की जांच के मुताबिक बच्ची को कठुआ जिले में एक मंदिर में ले जाया गया और वहां उसे नशा देकर उसके साथ एक सप्ताह तक कई बार रेप किया गया। यही नहीं बच्ची को मारने से पहले भी उसके साथ रेप हुआ।

जंगल में घोड़ा चराने गई थी लड़की
जानकारी के अनुसार 12 जनवरी को कठुआ के रसाना गांव के रहने वाले बक्करवाल समुदाय के एक व्यक्ति ने हीरानगर पुलिस स्टेशन के पास शिकायत दर्ज कराई। बताया कि उसकी आठ साल की बेटी 10 जनवरी को जंगल में घोड़े चराने के लिए गई थी। उस दिन शाम को घोड़े वापस आ गए, लेकिन बेटी वापस नहीं आई।

इसके बाद पिता ने अन्य लोगों के साथ मिलकर जंगल में तलाश शुरू कर दी, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। उसे शक था कि कुछ शरारती तत्व उसकी बेटी का अपहरण कर सकते हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद जांच अधिकारी ने वीडीसी सदस्यों की मदद से तलाश शुरू कर दी।

17 जनवरी को पुलिस को बच्ची का शव मिला। जांच में शामिल जगदीश निवासी दुगान वानी को बच्ची दिखी। पुलिस ने रसाना के रहने वाले नाबालिग और उसके चाचा सांझी राम को पकड़ा। नाबालिग ने पुलिस को बताया कि वह नशे का आदी था और स्कूल में लड़कियों को तंग करता था।

पुलिस को रिश्वत भी दी
चार्जशीट में कहा गया है कि रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई। मारने के बाद भी आरोपियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए मासूम मर जाए, उसके सिर पर पत्थर से कई वार किए। बाद में जांच के दौरान राम ने पुलिसकर्मियों को मामला दबाने के लिए रिश्वत भी दी।
हड़ताल से जनजीवन प्रभावित

जम्मू उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए बुधवार को बंद का आह्वान किया था। इससे क्षेत्र में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया।

बार एसोसिएशन ने यह कहते हुए बंद बुलाया है कि अल्पसंख्यक डोगरा समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। बंद के दौरान जम्मू शहर में दुकानें और स्कूल बंद रहे जबकि विभिन्न मार्गों पर सार्वजनिक यातायात कम संख्या में चली । विपक्षी पार्टी कांग्रेस और पैंथर्स पार्टी बंद को समर्थन दिया था।

सख्त सजा मिले: नेकां
नेशनल कांफ्रेंस ने इस मामले में शामिल अपराधियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग करते हुए मार्च निकाला।

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