दलित की मूंछ उखाड़ने व पेशाब पिलाने के मामले में इंस्पेक्टर पर केस दर्ज

Updated on: 20 August, 2019 04:58 AM

बदायूं में दलित से मारपीट, मूंछे उखाड़ने आदि मामले की रिपोर्ट दर्ज करने में लापरवाही बरतने पर एससीएसटी आयोग ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। आयोग के आदेश के बाद बदायूं के हजरतपुर थाने में इंस्पेक्टर के खिलाफ सीओ दातागंज की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया है।

हजरतपुर थाने के आजमपुर बिचौरिया गांव के रहने वाले दलित सीताराम ने 23 अप्रैल को सवर्ण पक्ष के चार लोगों के खिलाफ मारपीट, नीम के पेड़ से बांधकर पीटने, मूछें उखाड़ने, जूते से मूत्र पिलाने समेत कई गंभीर आरोप लगाये थे। थाना पुलिस ने उसका मेडिकल नहीं कराया और न ही मुकदमा दर्ज किया। अगले दिन 24 अप्रैल को 12.51 पर दरोगा अर्जुन सिंह ने पीड़ित सीताराम को ही गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उसका वीडियो वायरल हुआ था। आईजी रेंज डीके ठाकुर ने गांव और थाने जाकर सभी के बयान लिये।

मामले में हजरतपुर थाना पुलिस की लापरवाही सामने आई। जिस पर आईजी ने एससीएसटी आयोग और शासन को जांच रिपोर्ट भेजी थी। आईजी की जांच रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुये एससीएसटी आयोग दिल्ली के अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। आयोग के सहायक निदेशक तरुण खन्ना ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिये चिट्टी एडीजी, आईजी और शासन को भेजी। एसएसपी बदायूं अशोक कुमार के निर्देश पर सीओ दातागंज एसके सिंह ने इंस्पेक्टर राजेश कुमार कश्यप के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा- चार के तहत हजरतपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इसी मामले में सप्ताह भर पहले इंस्पेक्टर सस्पेंड भी हो चुके हैं।

मुकदमे में एक साल की सजा का प्रावधान
अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा-चार के तहत सरकारी कर्मचारी डयूटी में लापरवाही करता है। दलित व्यक्ति के हितों की अनदेखी, उसकी सुरक्षा में लापरवाही करता है। मुकदमे में छह माह से लेकर एक साल की सजा का प्रावधान है।

दलित उत्पीड़न के मामले की जांच रिपोर्ट का संज्ञान लेकर एससीएसटी आयोग ने मुकदमा कराने का आदेश दिया था। सीओ दातागंज की ओर से हजरतपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। किसी दूसरे सीओ की उसकी विवेचना दी जायेगी।                

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