UP में आंधी-बारिश से 15 लोगों की मौत, उत्तराखंड में भी जीवन अस्त-व्यस्त

Updated on: 18 November, 2019 02:45 AM

देशभर में मौसम की मार का असर लगातार देखने को मिल रहा है। शुक्रवार रात आई आंधी में उत्तर प्रदेश में 15 लोगों की मौत हो गई। साथ ही 9 लोगों के घायल होने की खबर है। बीती रात आई आंधी का असर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अमरोहा और संभल में सबसे ज्यादा देखने को मिला। इसके अलावा उत्तराखंड में भी मौसम की तबाही जारी है। भारी बारिश के कारण यहां कई हाईवे और सड़कों पर मलबा आने से यातायात बाधित रहा।  
उत्तराखंड में शुक्रवार दोपहर बाद मौसम ने करवट बदल ली। पूरे गढ़वाल मंडल में आंधी के साथ हुई तेज बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। बड़कोट के गंगटाड़ी गांव में तीन बच्चे उफनाए नाले में बह गए। दो बच्चों को लोगों ने बचा लिया लेकिन एक बच्ची लापता है। पौड़ी के बमोर्थ गांव में मलबे से तीन गोशालाएं दब गईं। रुद्रप्रयाग में केदारनाथ हाईवे सौड़ी और बदरीनाथ हाईवे रैतोली में मलबा आने से बंद हो गए। देर शाम मलबा हटाने के बाद दोनों मार्गों पर यातायात बहाल हुआ।

बारिश से बदरी-केदार हाईवे समेत कई सड़कें रहीं बंद
केदारनाथ हाईवे सौड़ी और बदरीनाथ हाईवे रैतोली में मलबा आने से बंद हो गए। एनएच की टीम ने देर शाम सात बजे केदारनाथ और छह बजे बदरीनाथ हाइवे यातायात के लिए खोला। मसूरी में बारिश और आंधी के दौरान मालरोड पर भगदड़ मच गई। आंधी से बचने के लिए पर्यटक बारिश से बचने के लिए दुकानों में घुस गए। अगले 24 घंटे में ओलावृष्टि के और बारिशकी चेतावनी दी गई है।

अमरोहा में दीवार गिरने से बच्चे की मौत

शुक्रवार देर शाम आए तूफान और बारिश ने मुरादाबाद समेत पश्चिमी यूपी में तबाही मचा दी। तकरीबन सवा नौ बजे इस कदर तूफान आया कि अफरा-तफरी मच गई। कई जगह पेड़ गिर गए, बिजली के पोल टूटे और होर्डिंग-बोर्ड उखड़ गए। अमरोहा में दिवार गिरने से मलबे में दबकर बच्चे की मौत हो गई तो संभल में आंधी में उड़ी टिन की चपेट में आकर युवक की गर्दन कट गई। मुरादाबाद के कटघर में एक स्कूल की दीवार गिरने से महिला घायल हो गई।दिल्ली रोड पर एक कार पर पेड़ गिर गया। उन लोगों की मुसीबत ज्यादा हो गई जो सड़क पर सफर कर रहे थे। कई लोग तूफान की चपेट में आ कर चोटिल हो गए।तूफान ने ऐसा डराया कि लोग बेचैन हो गए। इसे अब तक के सीजन की पहली सबसे तेज तूफान माना गया। तूफान के साथ बारिश भी हुई। बीस मिनट में ऐसा लगा कि खिड़कियां दरवाजे तक उखड़ जाएंगे। दिल्ली रोड पर एक पेड़ कार पर गिर गया। वहीं एक बस भी पेड़ की चपेट में आ गई।

आंधी का अध्ययन करेगी सरकार
भारत सहित दुनिया के विभिन्न भागों में आंधी के लगातार बढ़ते दौर को देखते हुए सरकार ने इसके पीछे जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन कराने का फैसला किया है। इसके लिए पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने विशेषज्ञों की उच्चस्तरीय समिति गठित की है। मंत्रालय के सचिव एम राजीवन नायर ने शुक्रवार को बताया कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में एक ही समय औसतन लगभग 10 हजार स्थानों पर आंधी आती है। उन्होंने कहा कि भारत भी इस प्रभाव से अछूता नहीं है।

गांवों के मौसम की जानकारी मिलेगी
मौसम विभाग से अब राज्य या शहर की ही नहीं, बल्कि गांव-गांव के मौसम की भी सटीक जानकारी मिल सकेगी। इसके लिए मौसम विभाग ने शुक्रवार को 'न्यू इन्सेंबल प्रिडिक्शन सिस्टम' नामक प्रणाली की शुरुआत की है। इसके जरिये मात्र 12 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में अगले चार से 10 दिन की अवधि में बारिश की मात्रा और समय की सटीक जानकारी दी जा सकेगी। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में सचिव एम राजीवन और मौसम विभाग के महानिदेशक के जे रमेश ने शुक्रवार को इस प्रणाली को शुरू करने की घोषणा की।

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